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हत्या कर महिला के शव को घर में ही जलाया, फिर कट्टे में डालकर झाड़ियों में फेंका

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नागरिक अस्पताल में मौजूद अलेवा थाना प्रभारी व डीएसपी धर्मबीर खर्ब। - फोटो : Jind
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जींद। नगूरां गांव में तीन दिन पहले मिले महिला के शव की शुक्रवार को उसके रोहतक रोड निवासी मायका पक्ष के लोगों ने शनाख्त की। ससुराल पक्ष के लोगों ने छह दिसंबर की रात को उसकी हत्या की और शव की पहचान को छुपाने के लिए घर में ही उसे जला भी दिया। इसके बाद शव को प्लास्टिक में बांधकर गांव के तालाब के पास फेंक दिया था। इसके अलावा पुलिस को गुमराह करने के लिए उन्होंने महिला की गुमशुदगी की शिकायत अलेवा थाना पुलिस को दी थी।
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हालांकि यह मामला पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व रोहतक पीजीआई में शव की शनाख्त के लिए करवाए गए पोस्टमार्टम के बाद सुलझाया है। रोहतक पीजीआई से मिली रिपोर्ट में पुलिस को सुराग लगा कि जो कंकाल मिला है, वह 25 से 30 वर्ष की महिला का है। यह एक से दो दिन पहले का ही है। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में नगूरां से लापता हुई महिला के परिजनों से पूछताछ की और उसके बाद महिला की पहचान रोहतक रोड जींद निवासी रीना (27) के रूप में हुई। पुलिस ने रीना के मकान के पास लगे एक सीसटीवी को भी खंगाला, जिसके बाद हत्या होने का राज खुला। इसमें एक बुजुर्ग, जोकि रीना का ससुर है वह साइकिल पर प्लास्टिक के बैग को लेकर जाते हुए दिखाई दे रहा है। उसके नजदीक ही एक व्यक्ति, जोकि उसका पति संजय व एक महिला दिखाई दे रही है। इससे पहले उन्होंने महिला की हत्या कर शव की पहचान छिपाने के लिए घर में ही जलाया और बाद में प्लास्टिक के कट्टे में डालकर गांव के तालाब के पास झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद उन्होंने इस मामले पर पर्दा डालने के लिए रीना की गुमशुदगी की रिपोर्ट अलेवा थाने में दर्ज करवाई और उसके मायका पक्ष के लोगों को रीना के लापता होने की सूचना दी। इसमें उन्होंने मायका पक्ष के लोगों को बताया कि वह घर से 50 हजार रुपये लेकर चली गई। इसके बाद समाज की शर्म के चलते मायका पक्ष के लोगों ने भी इसके बारे में किसी को नहीं बताया।
इन सात लोगों पर हुआ हत्या का मामला दर्ज
अलेवा थाना प्रभारी बीरबल सिंह ने बताया कि महिला की हत्या करने के आरोप में मायका पक्ष के लोगों की शिकायत पर अलेवा थाना पुलिस ने ससुराल पक्ष के पति संजय, ससुर सूबे सिंह, सास रत्नी, ननद ऋतु व ममता तथा उसके पति के दो मामा करनाल के बल्ला गांव निवासी किताबा व प्रताप के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्या को नाटकीय ढंग से दिया अंजाम
रीना की हत्या को अंजाम देकर पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने यह नाटकीय तरीका अपनाया। इसमें महिला की हत्या के अगले दिन गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया, ताकि किसी को हत्या के बारे में शक न हो।
जहां से उठी डोली, वहीं पर जली अर्थी
लड़की की शादी के बाद समाज के नियमानुसार ससुराल में महिला की अर्थी उठाई जाती है, लेकिन रीना के मामले में ऐसा नहीं हो सका। हत्या के बारे में जानकारी मिलने पर रोहतक रोड निवासी मायका पक्ष के लोगों ने शव को लेकर दाह संस्कार करवाया।
तीन घंटे तक नहीं उठाया शव
इस मामले में मृतक रीना के परिजनों ने शव की शनाख्त करने के बाद पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग की। उन्होंने शव को लेने से मना कर दिया। जिसके बाद नागरिक अस्पताल में डीएसपी धर्मबीर खर्ब मौके पर पहुंचे और परिजनों को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद भी परिजन जिद पर अड़े रहे, लेकिन पुलिस ने मायका पक्ष के दो लोगों को गाड़ी में बैठाकर हिरासत में लिए गए रीना के पति, ससुर व सास को दिखाया। इसके बाद मायका पक्ष के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
तीन बच्चों के सिर से अपनों ने ही छीना मां का साया
रीना के तीन छोटे बच्चे हैं, जिनमें छह वर्ष का दक्ष, चार वर्ष का लक्ष्य व दो वर्ष की बेटी वर्षा से मां का साया अपनों ने ही छीन लिया। इन बच्चों को अब तक यह भी पता नहीं कि उसका पिता, दादा व दादी ने ही उनको जन्म देने वाली मां की बेरहमी से हत्या की है। यह तीनों बच्चों अभी भी मां के हत्यारों के घर में ही खेलकर मां के आने के इंतजार में हैं।
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