संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नागरिक अस्पताल में करीब 15 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से करवाए जा रहे जीर्णोद्धार व मरम्मत कार्य में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोपों की जांच विजिलेंस की तकनीकी टीम ने शुरू कर दी है। पंचकुला से हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो की तकनीकी टीम बुधवार को जींद पहुंची और अस्पताल परिसर में हुए कार्य का निरीक्षण किया।
20 दिन पहले विजिलेंस टीम ने अस्पताल प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से इस संबंध में विस्तृत जवाब और रिकॉर्ड मांगे थे।मामले की शिकायत अधिवक्ता सुनील राज बामणिया ने की थी। आरोप है कि अस्पताल के जीर्णोद्धार कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है। निर्माण सामग्री और कार्य प्रणाली में बड़े स्तर पर लीपापोती कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
बुधवार को विजिलेंस की तकनीकी टीम शिकायतकर्ता अधिवक्ता सुनील राज बामणिया को साथ लेकर अस्पताल पहुंची। टीम ने उन सभी स्थानों का निरीक्षण किया जहां निर्माण कार्य में लापरवाही और घटिया गुणवत्ता के आरोप लगाए गए थे। निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ता ने टीम को फोन में वीडियो भी दिखाए, जिनमें कथित तौर पर निर्माण कार्य में की गई लीपापोती व घटिया सामग्री और नियमों के विपरीत किए गए कार्य बताए गए।
रिपोर्ट और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड मांगे
विजिलेंस टीम ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, गलियारों, दीवारों, फर्श और अन्य निर्माण स्थलों का तकनीकी दृष्टि से परीक्षण किया। अस्पताल प्रशासन से कार्य से जुड़ी सभी शर्तों, टेंडर दस्तावेज, तकनीकी स्वीकृति, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड मांगे हैं। टीम ने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों की जांच के बाद जरूरत पड़ने पर दोबारा मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को उखड़वाकर उसकी गुणवत्ता की विस्तृत जांच कराई जा सकती है।
सभी की नजर विजिलेंस जांच की रिपोर्ट पर टिकी
पहली बरसात में टूटे टफन व छत से पानी टपकने का भी वीडियो वायरल हुआ था। इसको लेकर सामाजिक संगठन भी निर्माण के विरोध में आए थे। इसको लेकर अधिवक्ता ने सीएम विंडों व विजिलेंस को शिकायत देकर जांच की मांग की थी। विजिलेंस टीम ने मौके पर कई बिंदुओं को नोट किया है, जिनकी तुलना अब कागजी रिकॉर्ड और तकनीकी मानकों से की जाएगी। यदि दस्तावेजों और वास्तविक निर्माण कार्य में अंतर पाया गया तो संबंधित अधिकारियों, ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। अब सभी की नजर विजिलेंस जांच की अगली रिपोर्ट पर टिकी है। दस्तावेज मिलने के बाद दोबारा जांच और निर्माण कार्य को उखाड़कर परीक्षण की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
नागरिक अस्पताल में घटिया निर्माण कार्य सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा मामला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विजिलेंस जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अधिवक्ता सुनील राज बामणिया