09जेएनडी18-सुपोषित ग्राम पंचायत योजना के तहत आंगनबाड़ी का निरीक्षण करने पहुंची टीम। स्रोत विभाग
जींद। युवाओं व बच्चों को स्वस्थ और पोषण युक्त जीवन प्रदान करने के उद्देश्य को लेकर भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही सुपोषित ग्राम पंचायत योजना के तहत जिला की दो ग्राम पंचायतों में पहुंचकर वहां आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया और धरातल पर चल रही योजनाओं की जानकारी ली।
महिला व बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी सुलोचना कुंडू ने कहा कि भारत सरकार के निर्देशन पर मिजोरम राज्य से हैंगस व लालन पुईया की ओर से बुधवार को नरवाना खंड के ढाबी टेकसिंह और पिल्लूखेड़ा खंड के बेरीखेड़ा गांव के आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर वहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पोषण ट्रैकर पर दर्ज डाटा चेक किया।
वहीं मौके पर ही टीम ने बच्चों की हाइट और वजन भी पोषण ट्रैकर से मिलान किया गया। इस टीम की ओर से एक जरूरी दस्तावेज भी भरे गए जिसमें आंगनबाड़ी केंद्र की साफ-सफाई, उसका रखरखाव, पीने का स्वस्थ पानी, शौचालय के साथ-साथ पोषण वाटिका का भी निरीक्षण किया गया।
ग्राम पंचायतों को दी जाएगी एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि
सुलोचना कुंडू ने बताया कि सुपोषित ग्राम पंचायत के तहत पूरे देश में 1000 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इसके तहत अव्वल रहने वाली प्रत्येक ग्राम पंचायत को एक लाख रुपये की राशि पुरस्कार के रूप में दी जाएगी। इसमें 25 प्रतिशत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर व 25 प्रतिशत ग्राम पंचायत और 50 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्र में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने व उनके रखरखाव के लिए खर्च किया जाएगा।