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Jind News: कंडेला कांड में जान गंवाने वाले 13 साल के बच्चे का बनेगा स्टैच्यू

Sat, 24 May 2025 11:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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24जेएनडी15: राजेश शर्मा। स्रोत : परिजन
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जींद।
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वर्ष 2002 में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के शासनकाल में बिजली बिल भरवाने को लेकर हुए आंदोलन में कंडेला गांव में पुलिस की लाठियों से 13 वर्षीय किशोर राजेश शर्मा की मौत हो गई थी। 25 मई को राजेश शर्मा की 23वीं पुण्यतिथि है। इस पर भारतीय किसान यूनियन की तरफ से कंडेला गांव में प्रसिद्ध सांड के मंदिर के नजदीक राजेश शर्मा की मूर्ति का अनावरण करने का निर्णय लिया है।
इंडियन नेशनल लोकदल के राज में किसानों ने चौटाला सरकार के खिलाफ बिजली के बिलों को माफ करवाने के लिए आंदोलन किया था। यह आंदोलन लंबा चला और इसमें पुलिस व किसानों की झड़प हुई। अंत में पुलिस ने किसानों पर लाठियां और गोलियां बरसा दीं। इसमें नौ किसानों की मौत हुई थी। बिजली बिल को लेकर हुए आंदोलन में जान गंवाने वालों में राजेश शर्मा सबसे कम उम्र के किशोर थे। इस आंदोलन के बाद प्रदेश की राजनीति पूरी तरह से बदल गई। इसके बाद 2004 में हुए चुनाव में इनेलो को सता से हाथ धोना पड़ा और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी।
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गुलकनी और रामराय के जान गंवाने वाले किसानों की मूर्ति बना दी गई थी, लेकिन राजेश शर्मा का स्टैच्यू अभी तक नहीं बना था। इसके लिए भारतीय किसान यूनियन के प्रधान जोगेंद्र नैन की अगुआई में भाकियू ने प्रदेशभर में घूम-घूमकर किसानों का सहयोग और सहमति मांगी।

6 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हुई
पुलिस की लाठियों में घायल हुए राजेश शर्मा की उपचार के दौरान 6 दिन बाद 25 मई को राजेश की मौत हो गई। इस कांड में आठ और किसानों की भी मौत हुई थी। कंडेला के 45 से ज्यादा किसान घायल हो गए थे। इसके बाद आंदोलन भड़क गया। किसानों ने कई अधिकारियों को बंधक बनाया था। इसके चलते दो महीने तक कंडेला गांव में जींद-चंडीगढ़ मार्ग बंद रहा।
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यह था आंदोलन का कारण
इनेलो ने सता में आने से पहले किसानों को बिजली के बिल माफ करने का चुनावी वादा किया था। जब इनेलो को सता मिली तो किसानों पर बिजली के बिल भरवाने का दबाव बनाया गया। इसके खिलाफ भाकियू ने आंदोलन कर दिया। 19 मई 2002 को किसानों ने बिल माफी को लेकर रोड जाम किया। सरकार ने कंडेला समेत पांच गांव की बिजली पावर हाउस से कटवा दी। इसके बाद कैथल, कलायत की तरफ से किसान ट्रैक्टरों में भरकर कंडेला गांव की तरफ आने लगे। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए जींद कैथल रोड पर नगूरां गांव में बैरिकेडिंग कर गांव को सील कर दिया था।
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