28जेएनडी21: जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय । संवाद
जींद। शहर की सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने और वर्षों से जल निकासी की समस्या झेल रही वैध कॉलोनियों को राहत देने के लिए 16.77 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। योजना के तहत हांसी रोड पर 10 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया जाएगा। इसके साथ ही अलग-अलग क्षमता की नई सीवर लाइनें भी बिछाई जाएंगी।
इससे शहर की बाहरी कॉलोनियों का गंदा पानी व्यवस्थित रूप से ट्रीटमेंट के लिए एसटीपी तक पहुंचाया जा सकेगा। प्रस्तावित एसटीपी उसी परिसर में स्थापित किया जाएगा, जहां पहले से 5 एमएलडी और 7 एमएलडी क्षमता के दो एसटीपी संचालित हैं। नए प्लांट के शुरू होने के बाद शहर की 40 से अधिक वैध कॉलोनियों का सीवेज यहां लाकर शुद्ध किया जाएगा। इसके बाद उपचारित पानी को 24 इंच व्यास की राइजिंग मेन पाइपलाइन के माध्यम से कालवा-किनाना ड्रेन में छोड़ा जाएगा।
वर्तमान में इन कॉलोनियों में सीवरेज निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात के दौरान गलियों और खाली प्लॉटों में पानी भर जाता है। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी के साथ-साथ दुर्गंध, मच्छरों और संक्रामक बीमारियों का भी सामना करना पड़ता है। नई परियोजना लागू होने के बाद इन समस्याओं से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है।
योजना से 50 हजार आबादी को लाभ मिलेगा
योजना से शहर की करीब 50 हजार आबादी को जलभराव और गंदे पानी से राहत मिलेगी। जिन कॉलोनियों को हाल के वर्षों में वैध किया गया है, वहां पहली बार संगठित सीवरेज व्यवस्था विकसित होगी। इससे पहले शहर में सीवर पाइपलाइन बिछाने के लिए भी टेंडर जारी किए जा चुके हैं। अब नई सीवर लाइन और 10 एमएलडी एसटीपी के निर्माण से यह पूरी परियोजना और अधिक प्रभावी हो जाएगी। इससे शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सीवरेज नेटवर्क को पर्याप्त क्षमता मिलेगी।
वर्जन
परियोजना पूरी होने के बाद शहर में जलभराव की समस्या कम होगी। सीवेज का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उपचारित पानी को निर्धारित मानकों के अनुसार ड्रेन में छोड़े जाने से प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। साथ ही वैध कॉलोनियों के निवासियों को लंबे समय से चली आ रही सीवरेज समस्या से राहत मिलेगी और शहर के सुनियोजित विकास को नई गति मिलेगी।
-भानूप्रकाश एक्सईन जनस्वास्थ्य विभाग जींद