अपोलो रोड पर मिट्टी धंसने से बना गहरा गड्ढा। संवाद
- फोटो : Jind
जींद। पहले रोहतक रोड, बाद में मिनी बाईपास और अब अपोलो रोड पर सड़क धंस गई। शनिवार दिनभर हुई बारिश के कारण नरवाना रोड के साथ ही अपोलो रोड पर गहरा गड्ढा बन गया। इससे नरवाना रोड को भी खतरा पैदा हो गया है। इस सड़क पर दो महीने पहले ही अमरुत योजना के तहत पाइपलाइन डाली गई थी। आनन-फानन में नगर परिषद प्रशासन ने मिट्टी डालकर इस गड्ढे को भरवा दिया लेकिन इस गड्ढे को खोदकर यह नहीं देखा गया कि इस सड़क के धंसने की मुख्य वजह क्या है। भविष्य के लिए यह सड़क सुरक्षित नहीं है।
बता दें कि पिछले दो महीने में नए बनाए जा रहे रोहतक रोड के एक किलोमीटर के दायरे में पांच-छह जगह से सड़क धंस चुकी है। इस सड़क के धंसने पर नगर परिषद, जनस्वास्थ्य व नगर परिषद अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कोई भी विभाग यह मानने को तैयार नहीं कि सड़क उनकी गलती के कारण धंसी है। इसके बाद पिछले महीने ही रोहतक रोड की तरफ बनाया गए मिनी बाईपास की सड़क धंस गई। इसके बाद इस मिनी बाईपास की दूसरी तरफ से सड़क धंस गई। बार-बार सड़क धंसने से जींद के लोगों को अब शहर की सड़कें भी सुरक्षित नजर नहीं आ रही हैं। जहां-जहां से सड़क धंसी हैं, सभी जगह अमरुत योजना के तहत पाइपलाइन डाली गई हैं। अभी तक इन सड़कों के धंसने का सही कारण सामने नहीं आया है। डीसी ने एक जांच कमेटी बनाई है, जो सड़क धंसने के कारणों तथा इसके लिए जिम्मेदार विभाग का पता करेगी। कमेटी ने अपना काम भी शुरू नहीं किया था कि अब अपोलो रोड पर सड़क धंस गई। अभी तक यह सड़क पक्की नहीं बनाई गई थी। इसमें केवल अमरूत योजना के तहत पाइपलाइन डाली गई थी। अमरुत योजना के तहत पाइपलाइन नगर परिषद द्वारा डलवाई गई है। इसमें बड़ा गड्ढा बन गया। नगर परिषद अधिकारियों ने हालांकि इस गड्ढे को रविवार दोपहर बाद ही भरवा दिया लेकिन इस गड्ढे को खोदकर यह पता नहीं लगाया कि सड़क किस कारण धंसी है।
अधिकारियों पर लगे जुर्माना व हो कार्रवाई
जींद विकास संगठन के प्रधान राजकुमार गोयल ने कहा कि जींद में सड़क धंसने की अनेक घटनाएं हो चुकी हैं। जींद की सड़कें अब किसी भी हालत में सुरक्षित नहीं रही हैं। आज तक न तो किसी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है और न ही किसी पर कोई जुर्माना लगाया गया है। इस कारण अधिकारियों में किसी बात का कोई डर नहीं है और वह मनमाना काम करते हुए जींद की जनता की जान खतरे में डाल रहे हैं। बिना भय के कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी से कार्य नहीं कर रहा है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो जींद में एक भी सड़क चलने लायक नहीं रहेगी और लोग सड़कों पर चलते हुए डरने लगेंगे।
वर्जन-
अभी अमरुत योजना के तहत पाइपलाइन डाली गई थी। बारिश के कारण मिट्टी धंस जाती है। मिट्टी डालकर इस गड्ढे को भरवा दिया गया है।
- सुमित मलिक, एक्सईएन नगर परिषद।