पशु अस्पताल के निकट से बच्चों का अपहरण करने वाले गिरोह के एक सदस्य को ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गांव स्तेती जिला मुरादाबाद (यूपी) निवासी राजू के रूप में हुई।
पकड़े गए आरोपी ने नरवाना और कुरुक्षेत्र से एक बच्चे के अपहरण के वारदात को कबूला है। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि बच्चों के अपहरण के लिए आसपास के क्षेत्र में पूरा गिरोह कार्य करता है। लोगों ने आरोपी की धुनाई करके पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस पूछताछ में पता चलेगा कि आरोपी अपहरण किए हुए बच्चों को कहा ले जाते थे और उनसे क्या काम कराते थे।
बता दें कि नरवाना में मजदूरी करने वाले मंगल का छह वर्षीय लड़का विजय लगभग डेढ़ माह पहले घर से लापता हो गया था। मंगल ने बताया कि उसकी आठ वर्षीय लड़की राखी ने भाई का अपहरण होते देखा था और उसने बताया था कि अगर अपहरण करने वाला उसके सामने आ जाएगा तो उसे पहचान लेगी। राजू नरवाना में किसी काम से पांच दिन पहले गया था। यहां राखी ने उसे पहचान लिया।
इसकी जानकारी अपने परिवार के सदस्यों को दी। जब परिवार के सदस्य राजू को देखने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे तो वह लापता था। बुधवार देर शाम नरवाना पहुंचा तो राखी ने इसे पहचान लिया। राखी के परिवार के सदस्य राजू का पीछा करते हुए इसे पकड़ लिया। मंगल के परिवार के सदस्यों ने उसे पकड़ लिया और धुनाई कर दी। आरोपी राजू ने बताया कि अपहरण किए गए बच्चे को गांव नचार में छोड़ा है। परिजन राजू को अपने साथ लेकर पहुंचे, लेकिन उसने उचाना पहुंचते ही परिजनों से झगड़ा शुरू कर दिया।
जिसके बाद परिजन उसे उचाना अनाज मंडी के चौकी में ले गए। जहां पर पूरे मामले की जानकारी दी। चौकी पुलिस ने रेलवे पुलिस के अधिकार क्षेत्र का मामला होने का हवाला देते हुए नरवाना के रेलवे थाना पुलिस को सौंप दिया।
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कुरुक्षेत्र से भी किया था बच्चे का अपहरण
पुलिस की गिरफ्त में आए बच्चों का अपहरण करने वाले यूपी निवासी राजू ने खुलासा किया पांच दिन पहले कुरुक्षेत्र के ओवरब्रिज के पास से एक बच्चे का अपहरण किया था। इन बच्चों को नचार खेड़ा गांव के पास बन रहे रोड में लेबर ठेकेदार का कार्य करने वाले अपने चाचा ओमपाल, चाची शारदा, विनोद, राहुल, अमन के पास होने की बात स्वीकार की है।
नशीला पदार्थ सुंघाकर करते थे अपहरण
राजू ने माना कि बच्चों को उठाने के लिए उसका चाचा ओमपाल कहता है। राजू ने बताया कि उस समेत बच्चों को अपहरण करने वाले चार-पांच लोग है। जब जब किसी जगह पर अकेला दिखाता है तो उसकी नाक पर कपड़े पर नशीला पदार्थ लगा कर सुंघा देते है जिससे बच्चा बेहोश हो जाता है। अब पुलिस के लिए जाने का पहलू यह भी है कि पांच से छह साल के बच्चों का अपहरण लेबर के काम के लिए तो नहीं किया जा सकता है। पुलिस को पता करना चाहिए कि इन बच्चों के अपहरण का उद्देश्य क्या है।
चौकी इंचार्ज जगबीर दहिया ने बताया कि लोग एक व्यक्ति को इसको लेकर गए थे। इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो पाएगा।