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Jind News: सरकारी स्कूलों में कक्षा 2 और 3 के विद्यार्थी 75 प्रतिशत विद्यार्थी मिले निपुण

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25जेएनडी05-जिला कोऑर्डिनेटर कार्यालय में आंकलन के आए परिणाम पर चर्चा करते हुए एफएलएन राजेश व​शि
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जींद। निपुण भारत मिशन के तहत सितंबर में हुए आकलन में कक्षा 2 और कक्षा 3 के 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने दक्षताओं में निपुणता प्राप्त की है। परिणाम मंगलवार को जारी हुए हैं। इसका उद्देश्य जानना था कि विद्यार्थी पढ़ने, लिखने और गणना करने जैसी मूलभूत दक्षताओं में कितने निपुण हैं।
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प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों की मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षताओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यार्थियों का सेंसस आधारित आकलन करवाया गया था। यह आंकलन 15-16 सितंबर को 423 प्राथमिक विद्यालयों में संपन्न हुआ था।
इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न करवाने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने पीजीटी और टीजीटी अध्यापकों को जिम्मेदारी सौंपी थी जिन्होंने मोबाइल एप के माध्यम से विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया।
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आंकलन के परिणामों के आधार पर विद्यालयों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया था। कैटेगरी ए में ऐसे विद्यालय जिनमें 75 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों ने सभी दक्षताओं में निपुणता प्राप्त की।
कैटेगरी बी में ऐसे विद्यालय, जिनमें 50 से 75 प्रतिशत के बीच विद्यार्थियों ने निपुणता हासिल की है। कैटेगरी सी में ऐसे विद्यालय, जिनमें 50 प्रतिशत से कम विद्यार्थी निपुण पाए गए। कैटेगरी सी में आने वाले विद्यालयों के लिए विशेष उपचारात्मक शिक्षण योजना तैयार की गई है।
उपचारात्मक शिक्षण योजना का क्रियान्वयन

कक्षा दूसरी और तीसरी के शिक्षकों की ओर से प्रतिदिन 35 से 45 मिनट की विशेष उपचारात्मक कक्षा आयोजित की जाएगी। इन कक्षाओं में विद्यार्थियों को उन्हीं दक्षताओं पर अभ्यास कराया जाएगा जिनमें वे पिछड़ रहे हैं। अंतिम तिथि 20 दिसंबर है। सभी विद्यालयों में निर्धारित दक्षताओं पर कार्य पूरा कर दोबारा आंकलन किया जाएगा कि विद्यार्थियों की दक्षताओं में अपेक्षित सुधार हुआ है या नहीं।
विद्यार्थियों की प्रगति का मूल्यांकन कर रिपोर्ट भेजेंगे शिक्षक
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए साप्ताहिक आंकलन और रिपोर्टिंग प्रणाली लागू की गई है। प्रत्येक सप्ताह शिक्षक विद्यार्थियों की प्रगति का मूल्यांकन करेंगे और रिपोर्ट तैयार कर संकुल, खंड और जिलास्तर पर भेजेंगे। इन रिपोर्टों के आधार पर विद्यार्थियों की प्रगति का विश्लेषण किया जाएगा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
शिक्षा अधिकारी करेंगे विद्यालयों का भ्रमण

योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए संकुलस्तर पर संकुल मुखिया, एबीआरसी और डीडीओ विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे व शिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे। खंडस्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालयों का भ्रमण कर विद्यार्थियों की प्रगति का मूल्यांकन करेंगे। जिलास्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना संयोजक एवं जिला एफएलएन कोऑर्डिनेटर विद्यालयों का निरीक्षण कर शिक्षकों को दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे।
वर्जन
निपुण से निपुणता की ओर अभियान, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। इस पहल से न केवल विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा बल्कि शिक्षकों को भी दक्षता-आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाने का अवसर मिलेगा। जींद में सेंसस आधारित आकलन और उपचारात्मक शिक्षण योजना शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास है। -राजेश वशिष्ठ, एफएलएन, जिला कोऑर्डिनेटर, जींद
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