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जिला परिवेदना समिति की बैठक कल, वितमंत्री कैप्टन अभिमन्यु करेंगे शिरकत

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद।
दो महीने की देरी के बाद शुक्रवार को जिला परिवेदना समिति की मासिक बैठक होगी। इससे पहली बैठक 11 सितंबर को हुई थी। नियमानुसार जिला परिवेदना समिति की बैठक एक महीने में होनी चाहिए, लेकिन इस बार दो माह के बाद मीटिंग हो रही है। मीटिंग में मंत्री के समक्ष कुल 15 शिकायतें रखी जाएंगी, जिनमें दस शिकायतें ऐसी हैं, जो पिछली मीटिंग में रखी गई थी और इनका समाधान नहीं हो सका था। पांच शिकायतें नई हैं।
एजेंडा की शिकायत नंबर एक में चंद्रलोक, न्यूचंद्रलोक और आनंद पर्वत कॉलोनी के लोगों द्वारा यहां डाली गई आठ साल पुरानी सीवरेज लाइन है, लेकिन यह चालू नहीं की गई है। इससे कालोनी के लोगों को भारी परेशानी हो रही है। सीवर का पानी कॉलोनी में भरा रहता है। पिछली मीटिंग में इस पर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को वित्तमंत्री ने दो माह में लाइन चालू करने के आदेश दिए थे। शिकायत नंबर तीन में शिवपुरी कॉलेनी के लोगों ने अवैध कब्जों का मामला उठाया है। शिकायत कर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन को बार-बार शिकायत की है, लेकिन कब्जे नहीं हट रहे हैं। हालांकि इस मामले में वित्तमंत्री ने दो महीने में कब्जा हटवाने का आदेश दिया था, लेकिन शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन ने अब भी कोई कार्रवाई नहीं की है। शिकायतकर्ता शमशेर सिंह के अनुसार अब तो यह दीवार निकालकर पक्का कब्जा किया गया है। वहीं शिकायत नंबर चार में बधाना गांव निवासी सतीश कुमार ने गांव में 1417 कनाल 16 मरले जोहड़ की जमीन पर कब्जा करने का मामला उठाया है। आरोप है कि अधिकारियों की मीली भगत से इस जमीन की बोली नहीं करवाई जा रही है।
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गली में बंधती हैं भैंस
घसो खुर्द गांव निवासी सतपाल ने वाल्मीकि मोहल्ले की एक गली में कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा पशु बांधकर रास्ता रोकने की शिकायत दी है। आरोप है कि पुलिस भी इस मामले में आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। हालांकि यह मामला पिछली बैठक में भी रखा गया था, लेकिन वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने अगली मीटिंग में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। अब इस पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
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पति की मौत के बाद नहीं हो रहा मकान ट्रांसफर
शिकायत नंबर 12 में अर्बन एस्टेट निवासी मूर्ति देवी ने कहा है कि उनका मकान उसके पति के नाम से है। पति की मौत के बाद वह मकान को अपने नाम करवाना चाहती है, लेकिन हुडा कार्यालय के कर्मचारी इसमे रोड़ा अटका रहे हैं। सभी दस्तावेज जमा करवाने के बाद उसे दस दिन का समय दिया गया था, लेकिन उनके काम को बार-बार अटकाया जा रहा है। कर्मचारियों ने अब कहा है कि उनके दस्तावेज कहीं गुम हो गए हैं। ऐसे में मूर्ति देवी ने अपना मकान ट्रांसफर करवाने की मांग की है।
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