जींद। घातक बीमारी स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या जिला में लगातार बढ़ रही है। इससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को स्वाइन फ्लू के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई है। अब जिला में एक सप्ताह में सात मरीजों की पुष्टी हो चुकी है। हालांकि स्वाइन फ्लू से दो लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू से किसी मौत से मना कर रहा है।
रोज नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुछ जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अनुरोध किया है कि प्राइवेट लैबों की रिपोर्ट पर विश्वास नहीं करे। अगर किसी को इस प्रकार के लक्षण दिखाई देते है तो तुरंत ही नजदीक के सरकारी अस्पताल से संपर्क करें। हालांकि जिला के सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए दवा उपलब्ध है, लेकिन उनके लिए जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। दरअसल स्वाइन फ्लू के मरीज को गंभीर अवस्था में आईसीयू की भी जरूरत पड़ती है, लेकिन इसके लिए मरीज को रोहतक पीजीआई ही भेजा जाता है।
शहर के पास के एक गांव में मिला मरीज
इससे पहले जिला में छह मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टी हो चुकी है। नया मामला गोहाना रोड स्थित एक गांव में मिला है। चिकित्सकों के अनुसार मरीज को कुछ दिन से तेज बुखार की शिकायत थी। इस पर उसने पीजीआई रोहतक में टेस्ट करवाए तो वहां से स्वाइन फ्लू की पुष्टी हुई। इसके बाद मरीज और उसके परिजनों को जींद के नागरिक अस्पताल से ही इलाज दिया जा रहा है।
घरों के आसपास के लोगों की भी जांच
ये मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। सिविल सर्जन डॉ. संजय दहिया के अनुसार मरीज के परिवार के सभी लोगों का इलाज शुरू किया गया है, साथ ही उसके घर के आसपास के लोगों और जिन लोगों से मरीज मिलता रहा है, उनकी भी जांच की जा रही ताकि बीमारी नहीं फैले।
ऐसे पहचाने बीमारी
चिकित्सकों के अनुसार यदि मरीज को लगातार बुखार रहे, जुकाम या खांसी रहे, जो दवा लेने से भी ठीक नहीं हो तो यह स्वाइन फ्लू का लक्ष्ण हो सकता है। इसके अलावा मांसपेशियों में दर्द और जकड़न भी रहेगी। शरीर पर हल्के लाल रंग के निशान हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में निजी अस्पताल की बजाये एक बार सरकारी अस्पताल में जरूर दिखाएं।
ऐसे बचें स्वाइन फ्लू से
स्वाइन फ्लू वायरस से फैलने वाली बीमारी है। चिकित्सकों के अनुसार फिल्हाल चल रहे मौसम में हाथ नहीं मिलाएं। इससे एक व्यक्ति से दूसरे में यह वायरस जा सकता है। लगातार बुखार से पीड़ित व्यक्ति की सांस के सीधा संपर्क में नहीं आएं। बार-बार साबुन से हाथ धोएं। अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
जिला में स्वाइन फ्लू के कुछ मरीज सामने आए हैं। इससे लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। कोई भी लक्षण होने पर सरकारी अस्पताल में जांच करवाएं। इसके बाद बीमारी का इलाज सरकारी अस्पताल में उपलब्ध है। निजी अस्पतालों की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं करें।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन।