23जेएनडी01: जलघर के निर्माण की जांच करते हुए उपमंडल अभियंता व विभाग के जिला सलाहकार रणधीर मतान
जींद। खोखरी में बनने वाले जलघर से सात गांवों के लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। इस योजना पर 1807.70 लाख रुपये की लागत आएगी। इसका कार्य तेजी से चला हुआ है। जलघर के निर्माण की जांच के लिए सोमवार को उपमंडल अभियंता रणवीर सिंह व जिला सलाहकार रणधीर मताना ने दौरा किया। वहां कार्य कर रहे कर्मचारियों को निर्माण से संबंधित दिशा निर्देश दिए।
खोखरी समेत आसपास के सात गांवों में पेयजल की बेहतर सुविधा नहीं थी। इसके लिए ग्रामीण कई बार संबंधित विभागों के अधिकारियों से शिकायत कर चुके थे। इसको गंभीरता से लेते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने खोखरी गांव में 1.5 एमएलडी के जलघर का निर्माण करने के लिए एस्टीमेट भेजकर प्रक्रिया पूरी करवाई। इसमें सात गांव की पेयजल सप्लाई के लिए सामूहिक योजना बनी। इसमें दो एसएस टैंक, एक पंप चैंबर, तीन आरसीसी क्लियर वाटर टैंक, खोखरी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व दालमवाला में एफएचटीसी समेत अन्य कार्य शामिल हैं। इसमें एक एसएस टैंक का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे एसएस टैंक का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा खोखरी में बनने वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है, जबकि दालमवाला में एफएचटीसी का कार्य प्रगति पर है।
उपमंडल अभियंता रणबीर सिंह ने सोमवार को वहां चल रहे कार्य में सरिया, सीमेंट व ईंट समेत अन्य निर्माणाधीन सामग्री का निरीक्षण किया। वहां कार्य कर रहे कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वह सीमेंट के कार्य की अच्छी तरह से तराई करें व फर्श निर्माण से पूर्व जमीन भराई का कार्य अच्छी तरह से करें, ताकि निर्माणाधीन टैंक की नींव मजबूत हो सके।
सात गांवों के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए खोखरी गांव में जलघर बनाया जा रहा है। इसका काम अंतिम चरण में है। इसको निर्धारित समय में पूरा करवाया जाएगा, ताकि इन गांवों के लोगों को लंबे समय तक पेयजल का इंतजार नहीं करना पड़े। -रणबीर सिंह, उपमंडल अभियंता, जींद।
23जेएनडी01: जलघर के निर्माण की जांच करते हुए उपमंडल अभियंता व विभाग के जिला सलाहकार रणधीर मतान