जींद। शहरवासियों को स्वच्छ व बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में नगर परिषद ने बड़ा कदम उठाया है। शहर बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों के संचालन व रखरखाव पर 54 लाख रुपये खर्च होंगे। नगर परिषद ने टेंडर जारी कर दिया है। तकनीकी बिड अब तीन मार्च को खुलेगी।
शहर में लंबे समय से सार्वजनिक शौचालयों की कमी को लेकर सामाजिक संगठनों, बाजार के व्यापारियों और आमजन की ओर से आवाज उठाई जा रही है। मुख्य बाजार में प्रतिदिन दस हजार से अधिक ग्राहकों का आवागमन होता है। दूर-दराज से खरीदारी के लिए आने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं को पर्याप्त सार्वजनिक शौचालय बंद होने या फिर उनके साफ सफाई नहीं होने के कारण असुविधा का सामना करना पड़ता था।
कई बार महिलाओं को निजी दुकानों या प्रतिष्ठानों से आग्रह करना पड़ता था। समस्याओं को देखते हुए नगर परिषद ने बाजार समेत शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण और बेहतर संचालन का निर्णय लिया है।
योजना के तहत न केवल नए सार्वजनिक शौचालय स्थापित किए जाएंगे बल्कि पहले से बने सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई, पानी की उपलब्धता, बिजली व्यवस्था और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
महिलाओं को विशेष सुविधा प्रदान करने पर इस बार खास जोर दिया गया है। सार्वजनिक शौचालयों में महिलाओं के लिए अलग और सुरक्षित सेक्शन, पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था तथा सेनिटरी नैपकिन डिस्पोजल की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
बाजार क्षेत्र में बनने वाले सार्वजनिक शौचालयों को इस प्रकार डिजाइन किया जाएगा कि महिलाओं को भीड़भाड़ वाले इलाकों में असुविधा न हो और वह सुरक्षित महसूस करें।
वर्जन
स्वच्छ और सुव्यवस्थित सार्वजनिक शौचालय होने से ग्राहकों का बाजार में रुकने का समय बढ़ेगा। इससे व्यापार को भी लाभ होगा। सामाजिक संगठनों ने इसे महिलाओं की गरिमा और सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है।
-लवली व्यापारी
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चयनित एजेंसी को सार्वजनिक शौचालयों का नियमित निरीक्षण, दैनिक सफाई, कीटाणुनाशक छिड़काव और आवश्यक मरम्मत कार्य समय-समय पर सुनिश्चित करना होगा। लापरवाही पाए जाने पर अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई की जाएगी। 54 लाख रुपये से सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति में सुधार होगा। विशेषकर महिलाओं को बाजार व शहर के अन्य हिस्सों में अब असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद जींद।