प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना में प्रशिक्षण और नौकरी के नाम पर देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी की गई है। ऐसे ही एक मामले में पुलिस ने शहर निवासी युवक की शिकायत पर कंपनी के संचालक पिता-पुत्र, पार्टनर, मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया। युवक का कहना है कि उससे साढ़े चार लाख रुपये की ठगी की गई है।
शहर के निवासी श्रीकांत ने अपनी शिकायत में बताया कि गुजरात की एक कंपनी ने दिसंबर 2020 में क्रिप्टो करंसी और एथेनियम में निवेश क्षेत्र में रोजगार का लालच दिया था। इसके लिए पाठ्यक्रम शुल्क के रूप में प्रत्येक से साढ़े चार लाख रुपये लिए गए। 220 लोगों ने आवेदन किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस तरीके से उस समय लगभग 10 करोड़ रुपये एकत्र किए गए। तीन माह के पाठ्यक्रम के बाद कंपनी की ओर से कहा गया कि दो साल के लिए उन्हें नौकरी मिलेगी।
श्रीकांत ने बताया कि उसने करीब चार माह बाद तक उसने इंतजार किया, जब कंपनी ने ऐसा कुछ नहीं किया तो उसे धोखाधड़ी का एहसास हुआ। उसने अपने पैसे की मांग की तो कंपनी के अधिकारी यह बहाना बनाने लगे कि आरबीआई ने उसका 5 लाख का भुगतान रोक दिया है और रिफंड प्रक्रिया में देरी हो रही है। यही नहीं डार्क वेब के माध्यम से धमकी भी दिलवाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कंपनी के मालिक गोवर्धन, उसके बेटे हितेश, पार्टनर अलकेश तथा मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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धोखाधड़ी के मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- जितेंद्र खटकड़, डीएसपी