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Jind News: नागरिक अस्पताल में जल्द शुरू होगी 24 घंटे दवा की खिड़की

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25जेएनडी05: नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में चल रही डिस्पेंसरी। संवाद
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जींद। नागरिक अस्पताल में लगातार सुविधाओं को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। इसके चलते अब अस्पताल में 24 घंटे डिस्पेंसरी शुरू करने की योजना बनाई है। इसका कारण है कि शहर में रात को 9 बजे के बाद शायद ही कोई मेडिकल स्टोर खुलता है। इसके चलते आपातस्थिति में मरीजों को कहीं भी दवाई उपलब्ध नहीं होती। शहर के लोगों को रात के समय हर तरह की दवा उपलब्ध हो इसके लिए यह योजना बनाई गई है।
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नागरिक अस्पताल में फिलहाल दवा वितरण खिड़की दोपहर को लगभग तीन बजे बंद हो जाती है। इसके बाद मरीजों को सरकारी अस्पताल में दवा नहीं मिलती। रात को यह स्थिति ज्यादा खराब होती है अगर किसी मरीज या सामान्य व्यक्ति को कोई शारीरिक परेशानी होती है तो उसके लिए रात को दवाई उपलब्ध करवाना शहर में सबसे बड़ी कठिनाई है।
हालांकि सभी निजी अस्पतालों के स्टोर भी शाम को सात बजे के बाद बंद हो जाते हैं। इसके अलावा मार्केट के भी सभी दवा केंद्र शाम को लगभग नौ बजे तक बंद हो जाते हैं। शहर की लगभग दो लाख की आबादी के लिए यह परेशानी रहती है। इस परेशानी से हर व्यक्ति को छुटकारा दिलवाने के लिए नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में एमरजेंसी के सामने चल रहे दवा केंद्र पर ही यह सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास है।
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फिलहाल इसके लिए अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाएं करने में लगा हुआ है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन को फार्मासिस्ट की जरूरत भी पड़ेगी। फिलहाल नागरिक अस्पताल के पास फार्मासिस्ट सीमित हैं। इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जाएंगी।
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अस्पताल में पिछले छह माह में यह बढ़ी सुविधाएं
नागरिक अस्पताल में पिछले छह माह पहले तक रात को बेहद कम सुविधाएं थी। इसके चलते एमरजेंसी में आने वाले अधिकतर मरीजों को रेफर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। नागरिक अस्पताल में सिविल सर्जन के तौर पर कार्यभार संभालते ही डॉ. सुमन कोहली ने 24 घंटे लैब चलाने का निर्णय लिया, ताकि रात को आने वाले मरीजों की जांच की जा सके।
इसके अलावा पहले एक्सरे केवल ओपीडी के समय ही होते थे। इनको भी 24 घंटे के लिए शुरू किया गया। पहले दुर्घटना में चोट लगने से घायल हुए मरीजों को रात को एक्सरे नहीं होने से या तो सुबह तक इंतजार करना पड़ता था या फिर रात को ही दूसरे निजी अस्पतालों में रेफर होना पड़ता था।
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शहर में रात के समय में दवाइयां उपलब्ध होना सबसे कठिन काम है। रात के समय में मरीजों को दवाई के लिए भटकना पड़ता है। इसके बावजूद भी दवाई मिलना नामुनकिन है। जिले के लोगों की इस समस्या को देखते हुए 24 घंटे दवा खिड़की चलवाने का निर्णय हुआ है। फिलहाल इसके लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसको लेकर जल्द ही लोगों को राहत की खबर मिलेगी।
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डॉ. रघुवीर सिंह पूनिया, डिप्टी सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद
फोटो कैप्शन
25जेएनडी05: नागरिक अस्पताल के पुराने भवन में चल रही डिस्पेंसरी। संवाद
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