चार महीने पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ओर से घोषित दस गांवों को पेयजल मुहैया करवाने की परियोजना पर प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। इसके तहत 20.85 करोड़ रुपये की लागत से हांसी ब्रांच नहर से जामनी और ढाथरथ गांवों में दो वाटर पंपिंग स्टेशन और पाइप लाइन डाली जाएगी, जो दस गांवों को पेयजल मुहैया करवाएगी।
नई परियोजना से पिल्लूखेड़ा और अलेवा ब्लॉक के रायचंदवाला, नगूरां, खेड़ी नगूरां, हसनपुर, बधाना, गोहियां, मांडी खुर्द, बनिया खेड़ा व रिटौली, दिल्लूवाला गांवों को पेयजल मुहैया करवाया जाएगा। इसके लिए टेंडर जारी करने के बाद अब जनस्वास्थ्य विभाग ने ठेकेदार को काम अलाट कर दिया है। दरअसल इन सभी गांवों में जलघर से नहरी पानी की पहुंच तो है, लेकिन अलग-अलग नहरों से मिलने वाले पानी से काम नहीं चलता।
ऐसे में गर्मी के मौसम में जलघर के टैंक और लोगों के कंठ सूख जाते हैं। इस योजना के बाद उम्मीद है कि जलघरों को नियमित रूप से पानी मिलता रहेगा और इस पानी को साफ कर जनस्वास्थ्य विभाग लोगों को सप्लाई करेगा।
17 नवंबर को हुई घोषणा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 17 नवंबर को अलेवा में आयोजित जनसभा में इस परियोजना की घोषणा की थी। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने इस परियोजना के लिए एस्टिमेट तैयार कर इसे सरकार को भेजा, जो स्वीकृत होने के बाद अब इस पर काम शुरू होगा।
लोग हैं परेशान
जिला के एक मात्र दो पंचायतों वाले नगूरां गांव में लोगों को पेयजल की काफी दिक्कत है। गांव में जलघर होने के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। गांव के जलघर में अक्सर पानी की कमी बनी रहती है। नई योजना से लाभ मिलने की उम्मीद है।
जसवंत सिंह, सरपंच नगूरां
एक सबमर्सिबल का सहारा
गांव में फिलहाल पेयजल के लिए एक सबमर्सिबल का सहारा है। अभी तक यह भी खराब पड़ा था। अब ठीक करवाया है। यदि नहरी पानी मिलता है तो इससे लोगों को काफी लाभ होगा। अच्छा पानी पीने के लिए मिलेगा।
नरवीर सिंह नहरा, सरपंच दिल्लूवाला
काम अलाट, जल मिलेगा लाभ
दसा गांवों को पेयजल मुहैया करवाने के लिए काम अलाट हो गया है। इसके लिए पाइप भी पहुंच गए हैं, जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। अगले तीन से चार महीने में लाइन डलने के बाद पानी गांवों को पहुंचा दिया जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को बहुत लाभ होगा।
बीपी शर्मा, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग।
ठेकेदार ने जमा करवाए 35 लाख
एक करोड़ 34 लाख रुपये से जाजवान गांव के लिए डाली गई पेयजल लाइन के सैंपल फेल होने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने ठेकेदार से 35 लाख रुपये वसूल लिए हैं। अभी बाकी राशि भी वसूली जाएगी। गौरतलब है कि करीब साढ़े आठ किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डालकर रामराये गांव से जाजवान गांव तक पेयजल पहुंचाने की योजना बनाई थी, लेकिन इस में बड़े पैमाने पर गोलमाल हुआ और यह लाइन नहीं चल पाई। इस मामले की जांच दस विधायकों वाली पीएसी कमेटी ने की है। इसके बाद जींद के कई पूर्व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है।