जींद। जिले की मंडियों में आवक अधिक होने से रविवार को केवल धान की उठान किया गया। रविवार को धान की खरीद नहीं की गई। इसके लिए सभी मंडियों में किसानों को पहले ही सूचना दी गई थी। जिले में कुल 197396 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
इनमें नरवाना मंडी में 95014 मीट्रिक, उचाना में 18015 मीट्रिक, सफीदों में 20459 मीट्रिक, धमतान में 25331 मीट्रिक, पिल्लूखेड़ा में 12399 मीट्रिक, अलेवा में 6681 मीट्रिक, गढ़ी में 9110 मीट्रिक, खरल में 4154 मीट्रिक, मंगलपुर में 1861 मीट्रिक, नगूरा में 2067 मीट्रिक, जींद मंडी में 1314 मीट्रिक और काबरछा में 991 मीट्रिक धान की खरीद दर्ज की गई है।
सरकारी एजेंसियों द्वारा भी खरीद कार्य पूरी पारदर्शिता और कुशलता के साथ जारी है। फूड विभाग ने 121368 मीट्रिक, हैफेड ने 41879 मीट्रिक और एचडब्ल्यूसी ने 34149 मीट्रिक धान की खरीद की है। डीसी ने निर्देश दिए कि किसानों को भुगतान समय पर और सीधे उनके बैंक खातों में किया जाए, ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे धान को अच्छी तरह सुखाकर और साफ-सुथरा करके ही मंडी में लाएं, ताकि नमी की वजह से किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की हर संभव मदद के लिए तत्पर है और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान पराली जलाने से बचें और इसके वैकल्पिक प्रबंधन उपायों को अपनाएं। पराली जलाने से जहां वायु प्रदूषण बढ़ता है, वहीं मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी प्रभावित होती है।