जींद। जिले में 28 से 30 जून तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के करीब 138044 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डीसी ने इसको सफल बनाने के लिए अधिकारियों की बैठक लेकर बताया कि 28 जून को बूथ गतिविधि के तहत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी, जबकि 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाएंगी। जिले में इसके लिए 812 बूथ स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सरपंचों को अभियान की शुरुआत के दौरान बूथों का उद्घाटन करने और लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जाए।
तैयारियां पूरी कर ली गईं
सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। झुग्गी-झोपड़ियों, ईंट-भट्टों, निर्माणाधीन भवनों तथा अन्य अति संवेदनशील क्षेत्रों में बच्चों तक पहुंचने के लिए 85 मोबाइल टीमें गठित की गई हैं। इसके अलावा बस अड्डों और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी विशेष टीमें तैनात रहेंगी।
एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता ही सबसे प्रभावी बचाव
बैठक में जिला एड्स रोकथाम एवं नियंत्रण समिति की समीक्षा भी की गई। इसमें डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता ही सबसे प्रभावी बचाव है। समय पर जांच, उचित परामर्श और उपचार से संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य विभागों को गांवों और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए।