नरवाना। जिले के 13 सरकारी प्राइमरी व मिडल स्कूलों में छात्र संख्या 20 से भी कम होने पर शिक्षा विभाग ने गंभीर रुख अपनाया है। इन स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन कार्य दिवसों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
यह मामला एडीसी की अध्यक्षता में जिला संचालन समिति की बैठक में सामने आया था। इसको लेकर नामांकन अभियान व स्कूल संचालन की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हुए हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष वर्मा ने बताया कि इन स्कूलों से पूछा गया है कि नामांकन बढ़ाने के लिए क्या प्रयास किए गए, क्या सामुदायिक सहभागिता या जागरूकता गतिविधियां की गईं और वर्तमान स्थिति में सुधार के लिए कौन से कदम उठाए गए हैं। यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिले तो संबंधित स्कूलों पर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
छात्र कम, स्टाफ ज्यादा
जिन 13 स्कूलों में छात्र संख्या 20 से कम है, उनमें से कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जहां केवल दो, तीन या सात छात्र ही पढ़ रहे हैं, जबकि स्टाफ की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है।
–स्कूलों की सूची जिनमें छात्रों की संख्या 20 से कम
स्कूल का नाम छात्र संख्या
.राजकीय मिडल स्कूल, नेहरा | 16 |
.राजकीय प्रा. विद्यालय, जीटीपुर | 02 |
. राजकीय प्रा. विद्यालय, डेरा वधावा | 03 |
. राजकीय प्रा. विद्यालय, डेरा साधा सिंह | 07 |
. राजकीय प्रा. विद्यालय, बागनवाला | 13 |
. शहीद गजे सिंह रा. प्रा. विद्यालय, सिरसा खेड़ी | 13 |
. राजकीय प्रा. विद्यालय, खरकरा | 13 |
. राजकीय कन्या प्रा. विद्यालय, धर्मगढ़ | 14 |
. राजकीय प्रा. विद्यालय, मांडों खेड़ी | 14 |
. राजकीय प्रा. विद्यालय, डेरा गुमान फार्म | 15 |
.सरकारी प्रा. स्कूल, खेड़ा (रामराय) | 17 |
. सरकारी प्रा. स्कूल, होशियारपुर | 17 |
. राजकीय मिडल स्कूल, जीवनपुर | 11 |
6 स्कूलों की 14 कक्षाओं में नामांकन शून्य
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इन 13 स्कूलों में 6 ऐसे स्कूल हैं जिनकी 14 कक्षाओं में एक भी छात्र नामांकित नहीं है। इनमें जीटीपुर की बालवाटिका से लेकर दूसरी, तीसरी व चौथी कक्षा, डेरा वधावा व डेरा साधा सिंह की कक्षाएं, खरकबुरा की तीसरी कक्षा, धर्मगढ़ की बालवाटिका व तीसरी और डेरा गुमान फार्म की चौथी व पांचवीं कक्षाएं शामिल हैं।
क्या स्कूल होंगे बंद या होंगे मर्ज
इस स्थिति को देखते हुए सवाल उठ रहा है कि क्या इन स्कूलों को बंद किया जाएगा या अन्य स्कूलों में मर्ज कर दिया जाएगा। शिक्षा विभाग मुख्यालय इस पर अंतिम निर्णय लेगा। फिलहाल यह स्कूल पहले की तरह ही संचालित हो रहे हैं।