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सरसों की खरीद के लिए 60 से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण, एक दिन पहले हुई सरसों की सरकारी खरीद

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अमर उजाला ब्यूरो
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जींद। लंबे इंतजार के बाद आनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। कोऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा 60 से अधिक किसानों का पंजीकरण करवाया जा चुका है, और हैफेड ने 30 मार्च को होने वाली सरसों की सरकारी खरीद के एक दिन पहले ही सरसों की खरीद की गई। एक किसान की 13 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद की जा चुकी है। किसानों की सरसों की फसल निर्धारित दिन को ही बिकेगी और किसानों के लिए सरसों की फसल बेचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
हैफेड उसी किसान की सरकारी खरीद करेगा जिस किसान की सरसों की नमी आठ प्रतिशत या उससे कम। ऐसे में किसानों की मुश्किल और बढ़ गई हैं। अभी तक जींद मंडी में पहुंची सरसों की फसल में नमी की मात्रा अधिक है, हैफेड के अधिकारियों ने किसानों से अपील की जिस किसान की फसल में नमी है, वह अपनी फसल को सुखाकर लाएं।
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सरकारी रेट पर बेची सरसों
मंडी 13 क्विंटल फसल लेकर आया था, और साथ पंजीकरण करवाने के साथ फसल को सरकारी भाव पर खरीद ली गई। सरसों में नमी अधिक होने की वजह से कुछ देर फसल को धूप में सुखाया गया और बाद में हैफेड ने सरकारी रेट पर खरीद लिया।
बिजेंद्र सिंह, किसान जीतगढ़ गांव निवासी।

एक दिन पहले शुरू कर दी सरकारी खरीद
सरसों की सरकारी खरीद और पंजीकरण का काम जारी है। 30 मार्च को सरसों की सरकारी खरीद होनी है, लेकिन एक दिन पहले ही सरसों की सरकारी खरीद शुरू कर दी गई हैं। 60 से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है, और सरसों में नमी की मात्रा अधिक पाई जा रही है, आठ प्रतिशत से अधिक नमी वाली सरसों सरकारी मापदंडों के अनुसार खरीदा नहीं जा सकता।
केएस लोहान, जिला प्रबंधक हैफेड जींद।

29जेएनडी 13: सरसों की सरकारी खरीद को लेकर नमी की जांच करते जिला प्रबंधक केएस लोहान हैफेड।
29जेएनडी 19 : सरसों की फसल को लेकर खरीद केंद्र पहुंचा जीतगढ़ गांव का किसान बिजेंद्र सिंह।
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सरसों के नियमों में बदलाव को लेकर सौंपा ज्ञापन
--गेहूं की तरह आढ़तियों के माध्यम से सरसों की खरीद करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। सरसों की सरकारी खरीद गेहूं की तरह आढ़तियों के माध्यम से करने के साथ-साथ सरसों की खरीद को लेकर बनाए गए नियमों में बदलाव की मांग को लेकर कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के नाम मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह के माध्यम से ज्ञापन भेजा। यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव सुरेंद्र श्योकंद के साथ विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी ज्ञापन देने पहुंचे। संयुक्त रूप से दिए ज्ञापन में कृषि मंत्री से जल्द से जल्द सरकारी खरीद मंडी में शुरू करने की मांग की।
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सुरेंद्र श्योकंद ने कहा कि सरसों की सरकारी खरीद को लेकर जो नियम बनाए गए है वो पूरी तरह से किसानों को परेशान करने वाले है। एक दिन में किसान 25 क्विंटल तक फसल बेचने, गांव का समय फसल बेचने के लिए निर्धारित करने के साथ अनेकों ऐसे नियम है जिससे किसान को फसल बेचने में परेशानी होगी। कृषि मंत्री को चाहिए कि तुरंत प्रभाव से नियमों में बदलाव करने के साथ-साथ जिस तरह से पीआर की फसल, गेहूं की फसल की खरीद करती है उसी तरह सरसों की खरीद सरकार करें। आढ़ती, किसान विरोधी फसलें निरंतर सरकार ले रही है जिससे व्यापारी, किसान परेशान है। इस मौके पर दी फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन प्रधान बलराज , व्यापार मंडल प्रदेश सचिव रोशन लाल घोघडिय़ा, अग्रवाल जनहित समिति चेयरमैन रामनिवास करसिंधु, प्रवीण श्योकंद, सुनील उचाना, पवन भौंगरा, सतपाल करसिंधु मौजूद रहे।
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