जींद। जिले में कोरोना संक्रमण के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग को 1239 लोगों की रिपोर्ट मिली है। इनमें से 435 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं 12 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग अपने आपको पॉजिटिव दर व मृत्यु दर को रोकने में नाकाम पा रहा है।
कोरोना नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम कटारिया ने बताया कि बुढ़ाखेड़ा गांव निवासी 65 वर्षीय महिला, सावित्री नगर निवासी 63 वर्षीय व्यक्ति, अर्बन इस्टेट निवासी 38 वर्षीय युवक, शीतलपुरी कॉलोनी निवासी 68 वर्षीय महिला, मलार गांव निवासी 36 वर्षीय युवक, रोहतक रोड निवासी 66 वर्षीय व्यक्ति, विद्यापीठ मार्ग निवासी 42 वर्षीय व्यक्ति, पंचकूला निवासी 65 वर्षीय व्यक्ति, सफीदों निवासी 71 वर्षीय व्यक्ति, नरवाना के बेलरखां गांव में 45 वर्षीय एक महिला तथा बीरबल नगर में 65 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई। दोनों का इलाज कैथल के अस्पताल में चल रहा था। वहीं दनौदा गांव निवासी एक 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। उसका इलाज फतेहाबाद में चल रहा था।
जिले में अब तक 16407 लोग संक्रमित मिल चुके हैं, जबकि इनमें से 13,298 लोग ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 275 लोगों की मौत हो चुकी है। जिले में इस समय 2834 लोग संक्रमित हैं। शनिवार को 352 लोग ठीक हुए हैं। नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में फिलहाल 122 मरीज दाखिल हैं। अस्पताल में भी मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। प्रतिदिन लगभग 15 से 20 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाता है, लेकिन दाखिल होने वालों की संख्या अधिक होती है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने 1250 लोगों के सैंपल लिए हैं। प्रतिदिन एक हजार से अधिक लोगों के सैंपल लिए जाते हैं तथा इतने ही लोगों की रिपोर्ट भी मिल रही हैं। अस्पताल प्रशासन को फिलहाल 1786 लोगों की रिपोर्ट मिलना बाकी है। स्वास्थ्य विभाग अब तक 227073 लोगों के सैंपल ले चुके हैं जबकि 233985 लोगों की स्क्रीनिंग कर चुका है।
मृत्यु दर 1.68 प्रतिशत, रिकवरी 82 प्रतिशत
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 275 लोगों की मौत हुई है। मौत की यह दर 1.68 प्रतिशत है, जोकि बहुत अधिक है। वहीं अब तक 13298 लोग ठीक हो चुके हैं। रिकवरी का दर 82 प्रतिशत है। फरवरी के अंतिम सप्ताह में रिकवरी की दर 97 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। मार्च से मई महीने में केस बढने के कारण रिकवरी की दर काफी घटी है।
स्वास्थ्य विभाग अपनी तरफ से हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। अस्पताल में दाखिल मरीजों की 24 घंटे देखभाल की जाती है। चिकित्सकों की टीम हर समय कोविड वार्ड में तैनात रहती है। फिलहाल जिले में न तो ऑक्सीजन की कमी है और न ही अन्य सुविधाओं की। लोगों को सावधनियां बरतनी होंगी, तभी कोरोना को हराया जा सकता है।
--डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।