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चक्रासन के नियमित अभ्यास से फेफड़ों को मिलती है ज्यादा ऑक्सीजन

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जींद। कोरोना महामारी के बीच योगाभ्यास के माध्यम खुद को स्वस्थ बनाया जा सकता है। योगाभ्यास में आसनों का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। इससे तनाव और अवसाद दूर होने के साथ ही शरीर स्वस्थ बना रहता है। उक्त बातें योग प्रशिक्षक पूजा ने कहीं हैं। उन्होंने बताया कि चक्रासन के नियमित अभ्यास से फेफड़ों को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। शुरुआत में हर किसी के लिए इसे करना आसान नहीं होता है। धीरे-धीरे प्रयास के साथ यह आसानी से किया जा सकता है।
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योग शिक्षिका पूजा ने बताया कि चक्रासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। फिर घुटनों को मोड़ें और एड़ी को जितना हो सके, अपने नितंब के पास लाएं। फिर अपने हाथों को उठाकर कानों के किनारे ले आएं। हथेलियों को जमीन पर रखें। अपने पैरों के साथ-साथ हथेलियों का उपयोग करके शरीर को ऊपर की ओर उठाएं। इसके बाद अपने कंधे और पैरों को समानांतर खोलें अर्थात आपके पैरों की एड़िय़ों के बीच की दूरी कंधों के समान होनी चाहिए। घुटनों और कोहनियों को अधिक से अधिक सीधा रखने की कोशिश करें। फि र धीरे-धीरे एडिय़ों को भी उठा सकते हैं। शुरुआत में 10 से 15 सेकंड रोकें, फिर अपनी क्षमता के अनुसार 30 सेकेंड तक चक्रासन का अभ्यास कर सकते हैं। अच्छा अभ्यास होने के बाद दो से पांच मिनट तक भी चक्रासन का अभ्यास किया जा सकता है।
चक्रासन के विशेष लाभ
योग प्रशिक्षक पूजा ने कहा कि अस्थमा के रोगियों को इसका अभ्यास नियमित रूप से करना चाहिए। चक्रासन के नियमित अभ्यास से फेफड़ों को अधिक ऑक्सीजन मिलती है। पेट के अतिरिक्त मोटापे को कम करता है। पाचन प्रणाली ठीक होता है।
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चक्रासन करते समय सावधानियां
योग प्रशिक्षक ने बताया कि जिनको पीठ की चोट या रीढ़ की समस्याएं है, वे इसे नहीं करें। हृदय की बीमारियों व उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति भी चक्रासन नहीं करें। गर्भवती महिलाओं को भी इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
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