सोमवार को टीम हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पहुंची और डॉक्टरों ने घर-घर जाकर आंखों की जांच की। टीम ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए दूर से ही प्राथमिक जांच (डिस्टेंस विजन टेस्ट) की जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। इसमें सीनियर डॉक्टरों समेत 15 सदस्य शामिल रहे।
जांच के दौरान दृष्टि संबंधी समस्या वालों को इलाज और परामर्श के लिए चिह्नित किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य शुरुआती स्तर पर ही आंखों की बीमारियों की पहचान करना है ताकि समय रहते इलाज किया जा सके और अंधता जैसी गंभीर समस्या से बचाव हो सके।
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इन 16 स्कूलों में चलेगा अभियान
बाल आश्रम स्कूल, जीजीएसएस स्कूल सिंधवी खेड़ा, पीएम एम श्री स्कूल जुलाना, राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल रूपगढ़, राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल जीतगढ़, राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल घिमाना, राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल पिल्लूखेड़ा, राजकीय कन्या सीनियर सेकंडरी स्कूल बुआना, आर्य विद्या मंदिर स्कूल घिमाना, डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल जींद, विद्या विहार सीनियर सेकंडरी स्कूल राजपुरा भैण, अग्रसैन कन्या सीनियर सेकंडरी स्कूल जींद, ऋषिकुल पब्लिक सीनियर सेकंडरी स्कूल नरवाना रोड, क्रिस्ट राजा स्कूल जींद, जाट कन्या सीनियर सेकंडरी स्कूल पटियाला चौक, एसडी सीनियर सेकंडरी स्कूल जींद में टीम जांच करेगी।
वर्जन
इस पहल से न केवल बच्चों बल्कि वयस्कों को भी फायदा मिलेगा। लोगों में आंखों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और नियमित जांच की आदत विकसित होगी। स्वास्थ्य विभाग और एम्स की संयुक्त टीम इस अभियान को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
-डॉ. रमेश पांचाल, नोडल अधिकारी आरबीएचके