जींद। सरकार से अनुमति मिलने के बाद जिला परिषद को मिले 41.69 करोड़ रुपये से विकास कार्य करवाए जाएंगे। इसके लिए शुक्रवार को जिला पार्षदों की मीटिंग हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि सभी वार्डों में बराबर राशि वितरित की जाएगी। वहीं, 50 प्रतिशत राशि स्वच्छता पर खर्च होगी। जिला परिषद के कुल 26 वार्ड हैं। यदि सभी में बराबर राशि के विकास कार्य होते हैं तो हर वार्ड में करीब 1.60 करोड़ रुपये से विकास कार्य होंगे। इससे गांवों में अच्छी सुविधाएं मिल सकेगी।
दरअसल यह राशि खर्च करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा पहले ही निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत 50 प्रतिशत राशि स्वच्छता पर खर्च की जानी है और शेष 50 प्रतिशत राशि पुस्तकालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व गोबर गैस प्लांट, अन्य आधारभूत ढांचा बनाने, पशुओं के लिए शव गृह बनाने व पशु शव ले जाने के लिए वाहनों पर खर्च होगी। इसके लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी दलबीर सिंह द्वारा शुक्रवार को बैठक बुलाई गई। बैठक में चेयरपर्सन प्रवीण देवी घणघस मौजूद नहीं रही, ऐसे में उप प्रधान उमेद रेढू की अध्यक्षता में बैठक हुई।
स्वच्छता की स्थिति होगी मजबूत : फिलहाल गांवों में सफाई कर्मचारी तो हैं, लेकिन उनके पास कूड़ा उठाने के लिए वाहन नहीं हैं। ऐसे में कूड़ा गलियों में ही पड़ रहता है। वहीं बजट की आधी राशि सफाई के लिए प्रयोग की जानी है। इससे गांवों में यह सुविधा मुहैया करवाई जा सकती है।
करीब एक महीने का समय : जिला परिषद का कार्यकाल करीब एक महीने का बचा हुआ है। ऐसे में सभी पार्षद चाहेंगे कि वे अपने क्षेत्र के लिए विकास कार्य जल्द से जल्द करवाएं। इससे जिला में तेजी से विकास कार्य होंगे।
ंसभी पार्षदों ने तय किया है कि सभी वार्डों में बराबर राशि से विकास कार्य करवाए जाएं। इसके बाद जिला पार्षद अपने काम देंगे और उनके एस्टीमेट बनाकर काम शुरू करवाए जाएंगे। - दलबीर सिंह, सीईओ, जिला परिषद।
15जेएनडी12: मीटिंग में मौजूद पार्षद। अमर उजाला।