बाग वाला मोहल्ला में बारिश के बाद हुए जलभराव के बीच करंट लगने से 38 वर्षीय ओमप्रकाश की मौत के मामले में थाना शहर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 व 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के परिजनों ने नगर परिषद, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की कथित लापरवाही को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शव का पोस्टमार्टम बुधवार को होगा।
पुलिस को दी शिकायत में पटेल नगर निवासी नवीन ने बताया कि मंगलवार शाम करीब साढ़े चार से पांच बजे के बीच सूचना मिली कि बाग वाला मोहल्ला में सोनू बादशाह चिकन शॉप के पास जलभराव के बीच बिजली के खंभे में करंट आने से ओमप्रकाश की मौत हो गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बरसात के बाद जलनिकासी नहीं होने से सड़क पर पानी भर गया था। वहीं, मौके पर हाईटेंशन लाइन, बिजली की केबल और मीटर बॉक्स भी काफी नीचे लगे हुए थे, जिससे हादसा हुआ।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जलभराव और बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर पहले भी संबंधित विभागों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गई थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों ने यह भी बताया कि वे अनुसूचित जाति (वाल्मीकि) समाज से हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
थाना शहर से जांच अधिकारी एसआई सचिन ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद इनेलो नेत्री शीला नफे सिंह राठी, कपूर राठी और भूपेंद्र सिंह राठी सहित अन्य लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बाग वाला मोहल्ला में वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है, लेकिन नगर परिषद और संबंधित विभागों ने इसे दूर करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए।
जानिए किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने मामला बीएनएस की धारा 106 और धारा 3(5) के तहत दर्ज किया है। धारा 106 लापरवाही के कारण मृत्यु होने से संबंधित प्रावधान है, जिसमें परिस्थितियों के अनुसार दो से दस वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं धारा 3(5) संयुक्त रूप से किए गए अपराधों में सभी संबंधित व्यक्तियों की सामूहिक जवाबदेही से जुड़ा प्रावधान है।