झज्जर। आश्रम हरि मंदिर पटौदी के अधिष्ठाता महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव का कहना है कि मनुष्य को जीवन में खर्च करने से पहले कमाने का तरीका पता होना चाहिए। मानव जीवन में मरने से पहले जीवन को अनुशासित रहकर जीने का तरीका भी आना चाहिए।
वह रविवार को मुल्तान सभा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सत्संग समारोह के समापन अवसर पर धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मनुष्य का वह जीवन भी जीवन नहीं है जो केवल अपने लिए ही सीमित हो। उन्होंने कहा कि जीवन वही है जो दूसरों की सेवा के लिए हो।आधुनिक युग में हर व्यक्ति दिन रात धन के लालच में पूंजी एकत्रित करने में लगा है जबकि मनुष्य चोला छूटने के बाद यह पूंजी उसके किसी काम की नहीं रहती। ऐसे में यदि मनुष्य को जीवन में सत्कर्म कर परमात्मा नाम की पूंजी जुटानी चाहिए ताकि मृत्युलोक गमन के बाद भी उसे स्वर्ग की प्राप्ति हो सके। इस अवसर पर स्वामी धर्मदेव ने आगामी 3 दिसंबर को हिसार के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में होने वाले सनातन युवाओं के कार्यक्रम के लिए युवाओं को न्योता भी दिया। रविवार को झज्जर पहुंचने पर आनंदपुर सत्संग आश्रम, मुल्तान सभा, पंचनद स्मारक ट्रस्ट संस्थाओं के अलावा नगर परिषद चेयरमैन जिले सिंह सैनी, केशव सिंघल ने स्वागत किया। कार्यक्रम में गत सत्र में दसवीं व बारहवीं कक्षाओं मे वरीयता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को गणित प्रवक्ता अनिल छाबड़ा के निर्देशन में सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर प्रवीण सुखीजा, राधेश्याम भाटिया, संतलाल बुद्धिराजा, मुकेश, रमेश चुघ, पंडित बनवारीलाल शर्मा, जग्गी गेरा, जगदीश कटारिया, विनीत भाटिया, लीलावती, सुगंधा चुघ, ऋतु मौजूद रहे।