बहादुरगढ़। पिछले सप्ताह दिल्ली सरकार की ओर से वीकेंड लॉकडाउन और सोमवार से एक सप्ताह तक किए गए पूर्ण लॉकडाउन के बाद बहादुरगढ़ औद्योगिक इकाईयों में काम करने वाले श्रमिक घबरा गए हैं। प्रतिदिन बढ़ती बंदिशों के बीच प्रदेश में लॉकडाउन की आशंका के चलते क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रमिकों का पलायन शुरू हो गया है। पलायन करने वाले अधिकांश मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड के रहने वाले हैं।
देशभर में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो चुकी है और प्रतिदिन रिकार्ड नए संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। कई प्रदेशों में संक्रमण की स्थिति बहेद ही चिंताजनक बनी हुई है। ऐसेे हालातों में अगर फिर से लॉकडाउन की स्थिति बनती है तो मजदूरों के सामने अपने घर पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। यही कारण है कि बहादुरगढ़ से दिल्ली होते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश जाने वाली ट्रेनों में प्रतिदिन अपने गंतव्य के लिए सवार होने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को भी बहादुरगढ़ के एचएसआईआईडीसी और आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र की अनेेकों फैक्ट्रियों से श्रमिक अपने घरों की तरफ रवाना हुए।
एमआइई मेें स्थित जूता फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक संतोष कुमार, रामदेव, सत्यदेव, विकास ने बताया कि कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली में मंगलवार से लॉकडाउन शुरू हो जाएगा। आशंका है कि आने वाले दिनों में हरियाणा सरकार भी लॉकडाउन न कर दे। इसलिए वे पहले ही अपने घरों की तरफ रुख कर रहे हैं। हर कोई किसी भी तरह से जल्द अपने घर पहुंचने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। (संवाद)
दिल्ली के कई इलाकों से भी बहादुरगढ़ आते हैं श्रमिक
बहादुरगढ के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र, एचएसआईआईडीसी सेक्टर-16 व 17 में काम करने वाले श्रमिक दिल्ली के कई इलाकों से भी यहां पहुंचते हैं। इनमें मुंडका, घेवरा, टीकरी कलां, बाबा हरिदास नगर शामिल है। उद्योगपतियों के अनुसार इन इलाकों से 60 प्रतिशत श्रमिक काम पर पहुंचते हैं। जबकि बाकी बचे श्रमिक कई प्रदेशों से यहां पहुंचे हैं। अब उन्हाेंने अपने घरों की वापसी का रुख कर लिया है।
श्रमिक न दें अफवाहों पर ध्यान
प्रवासी मजदूरों से यहीं पर रुकने की अपील की गई है। साथ ही उन्हें कहा गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
-हितेंद्र शर्मा, एसडीएम