झज्जर। हेमसा शिक्षा विभाग के लिपिकों की समस्याओं का समाधान न होने पर यमुनानगर मेें 15 मई को मंत्री के आवास पर प्रदर्शन करेगी। जिला प्रधान मोहित गुलिया ने बताया कि सातवें वेतन आयोग में लिपिक का वेतन 35400, पुरानी पेंशन बहाली, ऑनलाइन ट्रांसफर में दूर दराज स्थानांतरित का समायोजन, खाली पदों पर भर्तियां व पदोन्नतियां, वरिष्ठता सूची अपडेट आदि मांगों को लेकर 15 मई को शिक्षामंत्री आवास यमुनागर पर प्रदर्शन किया जायेगा।
हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन संबंद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा प्रांतीय कोषाध्यक्ष मुकेश खरब, जिला प्रधान मोहित गुलिया, सचिव सतबीर सिंह, कोषाध्यक्ष प्रदीप बादली ने संयुक्त रूप से बताया कि निजीकरण की नीति पर चलते हुए प्रदेश की भाजपा, जजपा गठबंधन सरकार पहले पेपरलेस आफिसेज और अब स्टाफिंग पॉलिसी से मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के कैडर को समाप्त करने की ओर बढ़ रही है। मोहित गुलिया ने बताया कि दो दिन की हड़ताल तो मात्र ट्रेलर था। सरकार जब तक पुरानी पेंशन बहाली व लिपिक का वेतन 35400 लागू नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अपने आपको ऑनलाइन सिस्टम का चैंपियन बताने वाला शिक्षा सदन पंचकुला सात साल से लिपिक वर्ग की वरिष्ठता सूची तक नहीं बना पाया। जबरन थोपी गई ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में दूरदराज बदले गए लिपिकों का समायोजन नहीं किया जा रहा। संगठन कई बार सरकार व अधिकारियों से मुलाकात कर चुका है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। शिक्षामंत्री को पिछले दो साल से पत्राचार व मुलाकात कर सूचित किया जा रहा है, लेकिन मंत्री न तो समस्याओं का समाधान कर रहे और ना ही प्रतिनिधि मेडल को मिलने का समय दे रहे। इन हालात में हेमसा 15 मई को शिक्षामंत्री के गृह क्षेत्र यमुनानगर में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हुई है। प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर प्रचार प्रसार जारी है। वहीं केंद्रीय कमेटी के पदाधिकारी जिलावाइज जाकर कर्मचारियों से संपर्क साधकर द्वार सभाएं कर रहे हैं। इस राज्यव्यापी प्रदर्शन को लेकर कर्मियों में काफी उत्साह है। बड़ी संख्या में कर्मचारी यमुनागर कूच करके अपनी एकता का परिचय देंगे।