झज्जर। निकाय चुनाव में फर्जी वोटिंग रोकने को पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मतदान से पहले मतदाता की पूरी पहचान की जाएगी। मतदाता के अलावा बूथ के अंदर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी शक्ति सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए तैयारियां की हैं। चुनाव लोकतंत्र का आधार है और इसकी निष्पक्षता ही लोकतंत्र को मजबूत बनाती है। बोगस मतदान रोकने के लिए प्रत्येक मतदाता की पहचान करना बहुत जरूरी है। इसलिए मत डालने से पहले प्रथम पोलिंग अधिकारी फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र या आयोग द्वारा निर्धारित किए गए वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिए प्रत्येक मतदाता की पहचान सुनिश्चित करेगा। उसके बाएं हाथ की सबसे पहली अंगूठे के साथ वाली उंगली पर स्याही का निशान लगाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पोलिंग अधिकारी को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक मतदाता की उंगली पर स्याही अच्छी तरह लगी हो और उसे मतदाता की ओर से साफ करने की कोशिश भी ना की गई हो। मतदान केंद्र छोड़ने से पहले प्रत्येक मतदाता की उंगली पर स्याही अच्छी प्रकार से सूख जानी चाहिए। संबंधित मतदाता के फार्म-17 ए के रजिस्टर में हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिया जाएगा।
गोपनीयता भंग करने वालों पर होगी कार्रवाई
डीसी ने कहा कि मतदान की गोपनीयता को किसी भी हाल में भंग नहीं किया जा सकता है। ऐसे में मतदान के दौरान मतदाता के अलावा किसी को भी मतदान केंद्र के पास जाने की अनुमति नहीं होगी। पीठासीन अधिकारी इसके लिए पूरी तरह सक्षम है। वोट डालने वाले मतदाता के अलावा अगर कोई वोटिंग कंपार्टमेंट के पास जाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।