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पेयजल के लिए रात भर जागते हैं ग्वालीशन के ग्रामीण

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फोटो : 01 से 06
पेयजल के लिए रात भर जागते हैं ग्वालीशन के ग्रामीण
कैनाल से टैंकों तक नहीं पहुंचता पानी, नलकूपों से टैंक भरकर 35 मिनट होती है आपूर्ति
-गांव में जलघर होने के बावजूद जल संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। करीब पांच हजार की आबादी वाले ग्वालीशन गांव में जलघर तो बनाया गया है, लेकिन यहीं के ग्रामीणों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। दो माह से जवाहरलाल नेहरू कैनाल से गांव के टैंकों तक पानी नहीं पहुंचा है। इस वजह से गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। तीन नलकूपों से टैंक भरकर 35 मिनट सप्लाई होती है, लेकिन इससे सबकी पूर्ति नहीं होती। पानी के लिए ग्रामीणों को रात भर जागना पड़ता हैं। पूरा गांव समस्या से परेशान है।
फिलहाल तीन बोरिंग लगाकर टैंकों को भरा जाता है और इसके बाद पानी दिया जाता है। केवल 35 मिनट ग्रामीणों को पानी दिया जाता है। अंतिम छोर तक पानी पहुंचने में काफी समय लग जाता है। जब तक लाइन के अंतिम छोर के मकानों तक पहुंचता है उस समय आपूर्ति बंद हो जाती है। दिन भर लोग पानी आने का इंतजार करते रहे हैं। रात को तीन बजे भी पानी की आपूर्ति की जाती है। पानी की वजह से लोग रात भर जागकर पानी आने का इंतजार करते हैं कि शायद अब तो उनके घर तक पानी आ जाए। यदि किसी वजहसे नींद नहीं खुली तो उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों से ट्यूबवेलों या फिर हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ता है। डेढ़ साल से यह समस्या बनी हुई है लेकिन जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी लोगों को केवल आश्वासन ही दे रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी प्यास कोरे आश्वासनों से नहीं बुझेगी, प्यास तो पानी से ही बुझेगी।
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ग्रामीण प्रधान प्रेम धनखड़, पूूर्व सरपंच रामेश्वर, विनाद उर्फ बबल, अनिल कुमार, चरण सिंह आदि का कहना है कि काफी लंबे समय से जलघर के टैंक लीक पड़े हैं। इनमें नहर से पानी आने के बाद भी नही रुकता। टैंक लीक होने के कारण पानी का जमीन में रिसाव हो जाता है, इसलिए टैंकों की सफाई करवाकर इनकी मरम्मत करवाने की आवश्यकता है उसके बाद ही टैंकों में पानी रुक सकता है और ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो सकता है।
- जल घर की एक मोटर कर रही काम
जलघर में पानी की सप्लाई के लिए दो मोटर लगाई गई हैं। इनमें से एक मोटर लंबे समय से खराब पड़ी है। अगर अचानक किसी वजह से दूसरी मोटर भी खराब हो जाए तो गांव में पानी की आपूर्ति पूरी तह से बंद हो जाएगी। जलघर में बिजली न आने पर पानी की आपूर्ति के लिए लगाया गया जनरेटर भी पूरी तरह से कंडम हो चुका है।
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वर्जन
जलघर में टैंकों की सफाई मनरेगा से करवाने के लिए सीईओ जिला परिषद को प्रस्ताव भेजा गया है। दो टैंकों को पानी से भरकर सप्लाई की जाएगी। 28 जून को नहर में पानी आ जाएगा।
अश्वनी सांगवान, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
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