संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में बहादुरगढ़ की होनहार बेटी ने अपनी सफलता की ऊंची उड़ान भरी। बेटी की कामयाबी पर परिजन भी खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।
नजफगढ़ रोड स्थित हरी नगर निवासी महेंद्र कुमार के चार बच्चों में सबसे छोटी बेटी प्रीति जो कि अविवाहित है ने कड़े परिश्रम की बदौलत यूपीएससी की परीक्षा में 562वीं रैंक हासिल की है।
अमर उजाला से बातचीत में प्रीति ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों के मोटिवेशन के कारण ही वह अपने दूसरे प्रयास में सफल हो पाई। उन्होंने कहा कि आज बेटियां किसी से कम नहीं है। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन मिले तो वे हर मुकाम की सीढ़ियां चढ़ सकती हैं।
प्रीति को पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन उसने हार न मानते हुए अब दूसरे प्रयास में यह मुकाम पाया। प्रीति के पिता मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस में डायरेक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
मां जगमति छठी कक्षा तक पढ़ी है, जबकि बड़ा भाई विकास आर्मी में मेजर है। बड़ी बहन डॉ. भावना बैंगलोर में एमडीएस है तो छोटा भाई सचिन सॉफ्टवेयर इंजीनियर।
प्रीति का कहना है कि युवा अपने सपनों को पहचान कर लंबी उड़ान भरने का जज्बा पैदा करें तो हर हाल में सफलता उनके कदम चूमेगी।