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बंद कमरे में मिला महिला का शव

Sun, 05 Jul 2015 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बहादुरगढ़
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बंद कमरे में मिला महिला का शवगांव बामनोली में एक महिला का शव संदिग्ध हालातों में उसके बंद कमरे में ही पड़ा मिला। उसकी मौत को लेकर क्या वजह रही है यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
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फिलहाल थाना लाइनपार पुलिस ने मृतका की मां के बयान पर घटना को हादसा मानकर कार्रवाई की है। शव की हालत को देखते हुए पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल से रोहतक पीजीआई भेजा गया है।

पुलिस ने दर्ज बयान के हवाले से बताया कि महिला कुछ समय से नशे की लत का शिकार थी। उसका पति भी नशे का आदी है। पत्नी की मौत के बाद वह कहां पर चला गया, इसके बारे में भी कुछ पता नहीं है। पुलिस कई पहलुओं को लेकर जांच आगे बढ़ा रही है।
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बामनोली निवासी सतीश जो कि बीएसएफ में कई सालों तक सेवा करता रहा। कुछ साल पहले उसने नौकरी छोड़ दी। उसकी पत्नी आशा भी अपने पिता की मौत के बाद दिल्ली में सरकारी सेवा में आई थी।

लंबे समय से वह अपनी ड्यूटी पर भी नहीं जा रही थी। दंपति अपने दोनों बेटों से अलग मकान में रह रहे थे। किसी कारण से वे नशे की लत का शिकार हो गए। नशे के कारण परिवार की खुशियों को भी ग्रहण लगने लगा।

परिवार के लोग उन्हें खूब समझाते भी रहे। शुक्रवार को आशा का शव उसके घर में ही बंद कमरे में मिला। कमरे के बाहर ताला लगा हुआ था। परिवार व आस-पड़ोस के लोगों ने जब कुछ संदेह हुआ तो पता चला कि आशा का शव कमरे के कोने में पड़ा हुआ है।

उसके पति का भी कोई पता नहीं कि वह कहां चला गया। लाइनपार पुलिस को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने गांव में पहुंचकर कमरे का ताला तोड़ा और एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर हालात व शव की जांच पड़ताल की।

उसकी मौत एक-दो दिन पहले होने का अंदेशा जताया गया। थाना प्रभारी ओमबीर सिंह का कहना है कि मृतका की मां ने बयान दर्ज कराया है कि उसकी बेटी की मौत नशे की ओवरडोज के कारण हुई है।

ऐसे में फिलहाल इत्तफाक मानकर कार्रवाई की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या कुछ सामने आता है उसके बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

मृतका के परिवार से जसबीर के अलावा नरेश, संजय, प्रदीप सहित कई अन्य ने बताया कि शुक्रवार की रात को जब उन्होंने शव को सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाया तो उन्होंने बर्फ लगाने के लिए कहा था, लेकिन उन्हें मना कर दिया।

उनका आरोप है कि न तो शव को डैड बॉडी चैंबर में रखा गया और न ही उसे बर्फ लगाने दी, जिस कारण शव की हालत खराब हो गई। बाद में चिकित्सकों ने यहां पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया और रोहतक भेज दिया।
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