हरियाणा के बहादुरगढ़ शहर के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (एमआइई) में रविवार शाम सीवर के गटर में गिरे सेप्टिक टैंक का पाइप निकालने के लिए उतरे श्रमिक और उसे बचाने उतरे दूसरे श्रमिक की सीवर की जहरीली गैस और डूबने से मौत हो गई। दोनों युवक बिहार मूल के थे और टीकरी बॉर्डर के पास बाबा हरीदास नगर में रहते थे। इनमें एक युवक का चार साल का बच्चा है।
बाबा हरीदास नगर में रह रहे अरविंद, रवीश, संतोष और दीपक सेप्टिक टैंकों की सफाई करने का काम करते थे। रविवार शाम वे एमआइई में मेन सीवर लाइन के एक गटर में टैंकर को खाली कर रहे थे। शाम 7 बजे टैंकर लगभग खाली हो गया था कि टैंकर से जुड़ा एक पाइप खुलकर मेन सीवर लाइन के गटर में जा गिरा। रवीश (22 वर्ष) इस पाइप को निकालने के लिए गटर में उतर गया लेकिन वहां जहरीली गैस की वजह से छटपटाने लगा और पानी में डूब गया।
इस पर टैंकर चालक अरविंद यादव (32) उसको बचाने के लिए गटर में उतरा तो वह भी डूब गया। दो साथी डूब गए तो वहां मौजूद संतोष और दीपक ने शोर मचा दिया। हादसे की सूचना मिलते ही एमआइई चौकी और शहर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस और आसपास से इकट्ठे हुए लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया। दोनों को निकालकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन यहां जांच करके डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मौत का असली कारण जहरीली गैस या सीवर के पानी में डूबना रहा, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही होने की संभावना है, लेकिन कहा जा रहा है कि पाइप निकालने के लिए सीवर में उतरने से इनको जहरीली गैस चढ़ गई और बेहोश होकर दोनों डूब गए। शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जयभगवान ने बताया कि दोनों शवों को नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है, जहां सोमवार को पोस्टमार्टम होगा। मामले की जांच की जा रही है।
उपचार मिलने में देरी का आरोप
भाई की मौत से बिलखते अरविंद के भाई छोटू ने कहा कि उसके भाई को समय पर इलाज नहीं मिला, अन्यथा उसकी जान बच सकती है। छोटू ने बताया कि शहर के अंदर होने के बावजूद अरविंद और रवीश दोनों को ट्रैक्टर-ट्रॉली से अस्पताल लाया गया। इस वजह से उन्हें उपचार मिलने में देरी हुई।
परिजनों में मचा कोहराम
रवीश पुत्र चंद्रशेखर पासवान बिहार के जिला नालंदा के अर्जुन सरतुवा का और अरविंद पुत्र वासुदेव यादव बिहार के जिला मुंगेर का मूल निवासी था। अरविंद चार बच्चों का पिता था। घटना की सूचना मिलते ही दोनों के जानने वाले लोग अस्पताल पहंचे। अरविंद के छोटे भाई छोटू और 8 वर्षीय पुत्र संतोष और रवीश की बड़ी बहन का रोकर बुरा हाल था।