बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसान आंदोलनकारियों के टीकरी बार्डर पड़ाव में शुक्रवार रात को भी दो किसानों की मौत हो गई। जानकारी मिलते पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया। मृतकों में एक किसान पंजाब का और दूसरा हरियाणा के जींद जिला का निवासी था। दोनों की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
किसान आंदोलनकारियों के पड़ाव में नजफगढ़ रोड फ्लाईओवर के पास टेंट में शुक्रवार रात को लगभग एक बजे पंजाब के जिला फिरोजपुर के गांव काबर बच्चा के निवासी जगतार सिंह पुत्र तेजाराम (57 वर्ष) को मृत अवस्था में पाया गया। उधर, बाईपास पर किसान चौक के निकट बिजली के पोल नंबर 260 के पास भी जिला जींद के गांव शाहपुर कंडेला के एक किसान की मौत हो गई। किसान करण सिंह (60 वर्ष) की मृत्यु शनिवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे हुई। इससे पहले वह चाय के लिए दूध लेकर आए थे। लौटने के कुछ ही मिनट बाद उनकी तबीयत खराब हो गई और मृत्यु हो गई। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
मृतकों के परिजनों के आने के बाद उनके बयानों के आधार पर शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। वीरवार से शनिवार तक तीन दिन की अवधि में सात आंदोलनकारियों की मौत हो चुकी है। वीरवार सुबह पंजाब लौट रही मानसा जिले की तीन किसान महिलाओं की शहर में झज्जर रोड पर डंपर से कुचले जाने के कारण मौत हो गई थी। उसके बाद वीरवार को ही बठिंडा जिले के एक ही गांव के दो किसानों की उनके टेंट में दो घंटे के अंतराल में मौत हो गई थी। वीरवार की घटनाओं में मरे पांचों आंदोलनकारियों के शवों का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया गया। बठिंडा जिले के किसानों की मौत के कारण भी फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।