बहादुरगढ़ के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ऑस्कर अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में दो कर्मचारियों की मौत हो गई। मौत की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन आहत परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए अस्पताल प्रबंधन व मालिक पर आरोप लगाए हैं। सैलरी विवाद सहित कई तरह की बात सामने आई हैं। फिलहाल पुलिस ने हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज कर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू करा दी है। जांच के बाद मामले की असल तस्वीर सामने आ पाएगी। मृतकों में सचिन (28) निवासी सफीदों, जींद और विकास (25) निवासी बोहर, रोहतक शामिल हैं। दोनों अस्पताल में नौकरी करते थे।
जानकारी के अनुसार सचिन ऑस्कर अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के तौर पर कार्यरत थे और प्रीत विहार, बालोर रोड पर किराये के मकान में रहते थे। उनकी पत्नी शीतल बहादुरगढ़ में एक निजी अस्पताल में रिसेप्शन पर काम करती है। मंगलवार रात करीब सवा 12 बजे शीतल ने सचिन को लगातार कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। अनहोनी की आशंका में वह करीब एक बजे ऑस्कर अस्पताल पहुंची।वहां सचिन और विकास दोनों अचेत हालत में पड़े मिले। सचिन को तुरंत सामान्य अस्पताल बहादुरगढ़ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, विकास ऑस्कर अस्पताल में एक्सरे टेक्नीशियन थे।
सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की और फिर शव झज्जर के नागरिक अस्पताल में भिजवाए। दोनों युवकों की मौत से परिजनों में रोष पनप गया। काफी संख्या में लोग ऑस्कर अस्पताल में एकत्र हुए। शुरुआत में आत्महत्या जैसी बात सामने आई लेकिन परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। पुलिस को दी शिकायत में जींद निवासी राकेश ने कहा कि मैंने रात को अपने भाई विकास के पास कई बार फोन किए थे लेकिन बात नहीं हुई।
फिर पौने एक बजे मेरे पास सचिन के किसी परिचित का फोन आया और बताया कि सचिन व विकास को ज्यादा दिक्कत है, आप ऑस्कर अस्पताल में आ जाओ। इसके बाद हम वहां गए तो मेरा भाई द्वितीय मंजिल पर स्थित कमरे में मृत अवस्था में था, जबकि सचिन को उसके परिजन ले जा चुके थे। बाद में उसके भी मृत होने की सूचना मिली। विकास और सचिन को करीब एक साल से सेलरी नहीं मिली थी। इस वजह से अक्सर मैनेजमेंट के साथ कहासुनी होती रहती थी। हमें शक है कि विकास व सचिन की हत्या कराई गई है। कुछ समय पहले सचिन के ताऊ के लड़के भरत की भी सेलरी न मिलने से पानीपत स्थित ऑस्कर अस्पताल में मौत हुई थी।
परिजनों ने कहा कि सचिन और विकास दोनों अच्छे दोस्त थे। एक साथ ही काम करते थे। वे किसी तरह का नशा नहीं करते थे और न ही उन्होंने सुसाइड किया है। अस्पताल प्रबंधन का कोई सदस्य कुछ बताने को तैयार नहीं है। अस्पताल के अधिकारी भी गायब हैं। हमें आशका है कि रंजिशन उनके साथ कुछ करवाया गया है। उधर, पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है।
बहादुरगढ़ शहर थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि मृतक विकास के भाई राकेश की शिकायत पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई कराई गई है। दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई है, यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हो सकेगा।