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कोहरा छाने से दिनभर नहीं निकली धूप, बढ़ी ठिठुरन

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बहादुरगढ़। मंगलवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला नजर आया। सुबह से दोपहर बाद तक मौसम करवट बदलता रहा। बादलों में सूर्य की लुकाछिपी चलती रही। दिनभर धूप के सही ढंग से दर्शन तक लोगों को नहीं हो पाए बल्कि कोहरा छाया नजर आया। ठिठुरन बनी रही। उधर, मौसम में बढ़ी ठंड गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है।
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बता दें कि मौसम विभाग की ओर से कई दिन तक मौसम में बदलाव की भविष्यवाणी की हुई है। रविवार को बहादुरगढ़ में हलकी बूंदाबांदी भी हुई थी। रुक-रुककर बारिश का सिलसिला चलता रहा था। सोमवार को मौसम साफ रहा मगर मंगलवार को मौसम का मिजाज बदला नजर आया। सुबह से दोपहर बाद तक धूप सेंकने के लिए लोग तरसते दिखे। सड़कों पर कोहरा भी रहा। आबादी वाले स्थानों में ज्यादा कोहरा नहीं दिखाई दिया। खेतों की तरफ व खुले मैदानों में कोहरा साफ तौर पर नजर आया। जहां कोहरा अधिक था वहां से गुजरते समय वाहन चालकों को दिन के समय भी लाइटें जलाकर चलना पड़ा। उधर ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदूषण का स्तर भी कुछ बढ़ा रहता है। मंगलवार को औसत एक्यूआई 267 और अधिकतम 333 दर्ज किया गया।
ठंड के इस मौसम में पार्कों में अब सुबह-शाम के वक्त भी चहल-पहल नहीं दिखाई देती। काफी कम लोग ही सुबह के समय सैर के लिए निकल रहे हैं। हालांकि जो भी अल सुबह निकल रहे हैं वे सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़ों में लिपटकर आते हैं। मंगलवार को सूर्यदेव नहीं दिखे। कई जगह बुजुर्ग लोग तो अलाव सेंकते नजर आए। वहीं नागरिक अस्पताल की कई ओपीडी, कार्यालय में तो डाक्टर व अन्य कर्मचारी रूम हीटर जलाकर सर्दी से बचने का उपाय करते दिखे। दिनभर शीतल हवा चलने का सिलसिला जारी रहा। बदलते मौसम के चलते आम लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित नजर आई। उधर कृषि विकास अधिकारी देवराज की मानें तो मौजूदा मौसम गेहूं की फसल के लिए काफी बेहतर है। गेहूं को ठंडी व शुष्क जलवायु वाली फसल कहा जाता है। इसके चलते इस मौसम में इस फसल को काफी फायदा होता है।
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