फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

24 साल पहले हुआ था झज्जर जिले का उदय, 1834 वर्ग किलोमीटर में फला है जिला

विज्ञापन
विज्ञापन
संयुक्त पंजाब से अलग होकर एक नवंबर 1966 को प्रदेश का गठन हुआ था। झज्जर उस समय रोहतक जिले का उपमंडल होता था। इसके 31 साल बाद झज्जर जिले की स्थापना 15 जुलाई 1997 को प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल की सरकार में हुई थी। झज्जर जिला एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में देश इतिहास में अपना स्थान रखता है। इसको बसाने में छज्जुराम का अहम योगदान रहा।
विज्ञापन

यहां के ऐतिहासिक मकबरे हमेशा से इतिहास में रुचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए जिज्ञासा का विषय रहे हैं। ये मकबरे एक प्रेम कहानी को अपने अंदर संजोय हुए हैं। बुआ व कलाल हसन की प्रेम कहानी इसके इतिहास में समाई हुई है। 1857 की क्रांति के महान योद्धा व झज्जर के अंतिम नवाब अब्दुर्र रहमान खान की रियासत रहे झज्जर को 15 जुलाई 1997 को जिले का दर्जा मिला था। उसके बाद से झज्जर शहर का विकास हुआ है शहर के साथ-साथ झज्जर जिले में अनेक उद्योग आए हैं। जबकि शहर के अंदर से गुजरने वाले दोनों नेशनल हाईवे का भी विकास हुआ है। झज्जर को जिला बनवाने में विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे चौधरी मनफूल सिंह का पूर्ण सहयोग रहा था। उस समय झज्जर जिले में साल्हावास, झज्जर, बेरी, बहादुरगढ़ व बादली पांच लोग सभा क्षेत्र होते थे, लेकिन कुछ वर्ष पहले परिसमन लागू हुआ तो उस समय झज्जर जिले के साल्हावास विधानसभा क्षेत्र को खत्म कर दिया गया और झज्जर में चार विधान सभा क्षेत्र बच गए हैं।
हरियाणा राज्य का झज्जर एक छोटा सा शहर है जो अपनी विकासशील अर्थव्यवस्था और आधारभूत विकास के लिए जाना जाता है। आज यह हरियाणा के तेजी से विकासशील क्षेत्रों में सार्वजनिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करता है। यह पहले रोहतक जिले का हिस्सा था इसे बाद में रोहतक से अलग कर दिया गया था और 15 जुलाई 1997 को जिला बना दिया गया था। झज्जर के पास रहने के लिए आवश्यक सभी चीजें हैं। सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों जैसे कि नई सड़कों, स्वास्थ्य प्रणाली, स्कूलों, महिला सशक्तीकरण परियोजनाओं, बिजली प्रदान करने और जिले के विकास के लिए और वहां रहने वाले लोगों के विकास के लिए भी कई क्षेत्रों में निवेश किया है। लोगों के लाभ के लिए विभिन्न आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध हैं। एक ऐतिहासिक शहर होने के नाते, सरकार ने ऐतिहासिक स्मारकों की रक्षा के लिए उपाय किए हैं और पर्यटन उद्योग को विभिन्न सहायता प्रदान की हैं ताकि पर्यटक इस जगह पर अधिक बार जाएं। हरिणाणा को उदय होने के बाद यहां पर करीब 1300 औद्योगिक इकाईयां जिले में आई हैं।
विज्ञापन

झज्जर शहर में जिला बनने के बाद जहां सड़कों का जाल बिछाया गया है। वहीं वर्ष 2013 में लंबे समय से चली आ रही रेलवे लाइन की मांग भी पूरी हो गई थी। इसके अलावा शहर में नेशनल हाईवे 334बी व इस पर झज्जर के पास रेलवे लाइन के ऊपर खेड़ी खुम्मार गांव में पुल का निर्माण किया जा चुका है। वहीं कोसली रोड पर ओवरब्रिज का बनाया गया है। इसके अलावा भी जिला बनने के बाद झज्जर शहर में काफी विकास कार्य हुए हैं। झाड़ली व खानपुर खुर्द में दो थर्मल प्लांट के साथ-साथ कई कंपनियां आई हैं। करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से नेशनल हाईवे 71ए का निर्माण भी जिला बनने के बाद हुआ है। जिले में करीब 1400 किलोमीटर की सड़कें बनाई गई हैं।
वेटलैंड भिंडावास झील को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने कार्य जारी
प्रदेश की सबसे बड़ी वेटलैंड भिंडावास झील को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने के लिए झज्जर में कार्य चल रहा है। इस दिशा में उम्मीदों को पंख उस समय लगे थे, जब मई माह में सीएम मनोहर लाल झील का निरीक्षण करने पहुंचे थे जिसके बाद पर्यटन विभाग के अधिकारियों के द्वारा इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। भिंडावास पर्यटन के लिहाज से आकर्षण का केंद्र है। दुनिया भर से यहां पर सितंबर से मार्च माह के दौरान बड़ी संख्या प्रवासी पक्षी आते है। ऐसे में प्रवासी पक्षियों को देखने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। 1986 में बनाया गया भिंडावास का पक्षी विहार करीब 1017 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें से 700 एकड़ झील का दायरा है। यहां पर हर साल करीब 40 हजार देशी-विदेशी पक्षियों का आवागमन होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें