फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

The city is full of destitute animals, accidents happen

विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर। शहर में आवारा पशुओं की भरमार हो गई है। इसके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। शनिवार को छावनी स्थित सैनी धर्मशाला के पास एक आवारा पशु ने एक बुजुर्ग को को गंभीर रूप से घायल कर दिया। राहगीर घायल को झज्जर के नागरिक अस्पताल ले गए। जहां पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। राहगीरों ने बताया कि घायल बुजुर्ग का नाम वीरभान(75 वर्ष) है।
विज्ञापन

शहरवासियों ने बताया कि सांड़ ने करीब 10 दिन पहले छावनी मोहल्ले में स्थित मंदिर के सामने एक व्यक्ति को भी टक्कर मारी थी। जिसका नाम धर्मपाल पुत्र सिंगराम बताया गया है। वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था। जिसका इलाज शहर के निजी नर्सिंग होम में चल रहा है। छावनी वासियों ने आवारा जानवरों को पकड़वाने के लिए प्रशासन व नगर पालिका से कई बाद मांग की, लेकिन पशुओं को पकड़ा नहीं गया। इससे शहर व बाहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। शहर के विभिन्न प्रमुख सड़कों, चौक-चौराहो व गलियों में आवारा पशुओं की टोलियां घूमती रहती हैं। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और छोटे बच्चों को होती है। आवारा मवेशियों के उत्पात से शहर में दर्जन भर लोग घायल हो चुके हैं। हालांकि प्रशासन ने कई बार आवारा पशुओं को गोशालाओं में पहुंचाने का काम पिछले दिनों किया है। जिसके बाद स्थिति कुछ नियंत्रण में थी, लेकिन प्रशासन की ढिलाई के बाद स्थिति पहले की तरह होती जा रही है। आवारा पशु सड़क के बीच बैठे रहते है। रात में वाहन चालकों को जानवर नहीं दिखाई देते हैं। इससे हादसा हो जाता है। पिछले दिनों शहर के बेरी गेट क्षेत्र में एक गली में दो सांड़ लड़ते हुए मुख्य गली में घुस गए। इनकी चपेट में आने से दर्जनभर लोग घायल हो गए थे। वहीं हजारों रुपये का नुकसान भी हुआ था। इन आवारा सांड़ों ने कई लोगों के दरवाजों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बाद में कई घंटों की मशक्कत के बाद गोशालाकर्मियों ने इन सांड़ों पर काबू पाया था। शहर की किला कालोनी क्षेत्र में भी गत दिनों सांडों ने खूब आतंक मचाया था। स्थानीय निवासी श्यामलाल गोठवाल ने बताया कि सांड़ों ने न केवल लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि कई महिलाओं और बच्चों को भी घायल कर दिया।
वर्जन
पिछले दिनों काफी संख्या में सांड़ों को नगर परिषद की ओर से पकड़कर गौशालाओं में भेजा गया था। उच्चाधिकारियों को आवारा पशुओं के बारे में अवगत कराने के बाद जो भी आदेश जनहित में होंगे उस पर कार्रवाई की जाएगी। -अरुण नांदल, ईओ नगर परिषद झज्जर।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें