कुछ लोग नहीं चाहते कि युवाओं को रोजगार मिले : उप मुख्यमंत्री
निजी सेक्टर में 75 प्रतिशत आरक्षण को जुमला बताने वाले चेहरे जल्द ही बेनकाब होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बादली। हरियाणा में प्राइवेट सेक्टर में युवाओं के लिए 75 प्रतिशत नौकरी दिए जाने की व्यवस्था पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाने को उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विपक्ष का सियासी एजेंडा बताया है। हलके के गांव जहांगीरपुर में अजय गुलिया के निवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग नहीं चाहते कि हरियाणा के युवाओं को रोजगार मिले। निजी सेक्टर में 75 प्रतिशत आरक्षण को जुमला बताने वाले ऐसे चेहरे जल्द ही बेनकाब होंगे।
डिप्टी सीएम चौटाला ने कहा कि बेशक हाईकोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी है, लेकिन सरकार ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने का फैसला लिया है। सरकार का पक्ष सुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 7 फरवरी की तारीख निर्धारित की है। सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। सरकार मजबूती से पैरवी करेगी और युवा के हाथ में रोजगार सौंपने के अपने फैसले पर कायम है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस मामले में वह हरियाणा के उद्योगपतियों से भी बातचीत करेंगे। शनिवार 5 फरवरी को पानीपत में हैंडलूम उद्योगपतियों से बातचीत करेंगे, 13 को गुरुग्राम में और 18 को बहादुरगढ़ के फुटवियर पार्क के उद्यमियों से बातचीत की जाएगी। हरियाणा की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार का अधिकार दिलवाने के लिए शुरू से प्रतिबद्ध हैं। इस कानून को उद्योगों के लिए भी फायदेमंद बताते हुए कहा कि सोनीपत में एक इंडस्ट्री के वर्क फोर्स में 90 फीसदी स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों की सभी शंकाओं और दिक्कतों के लिए वैकल्पिक प्रावधान कानून में दिए गए हैं। इस अवसर पर जेजेपी के राकेश जाखड़, अजय गुलिया, धर्मेन्द्र गुलिया और प्रीतम कुकड़ोला आदि मौजूद रहे।
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विपक्षी दलों की मंशा को भी करेंगे उजागर
उन्होंने बताया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के कानून पर रोक के पीछे विपक्षी राजनीतिक दलों की भूमिका भी रही है। वे शीघ्र ही हरियाणा के युवाओं से रोजगार छीनने के लिए विपक्ष की मंशा का भी खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में स्थापित उद्योग यहां के संसाधनों और इंफ्रास्ट्रक्चर को इस्तेमाल करते हैं और राज्य सरकार के कानून सभी पर लागू होते हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का प्रावधान उद्योग स्थापित करने के एग्रीमेंट का हिस्सा होता है, जिससे उद्योगपति अब तक बचते रहे हैं।