झज्जर। जिले में जलभराव की समस्या का समाधान और बड़े गांवों व एमसी में एक-एक पार्क विकसित कराना प्राथमिकता में है। ताकि लोगों को गंदे पानी से निजात मिल सके और पार्कों में सैर की सुविधा हो। यह बातें डीसी शक्ति सिंह ने बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि जिले में बड़े इलाके में बारिश के कारण जलभराव हुआ है और किसानों को भी नुकसान हुआ है। सरकार हर वर्ष बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का करोड़ों रुपये का मुआवजा भी किसानों को देती है। ऐसे में पिछले कई सालों से जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थाई समाधान की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसे स्थानों की रिपोर्ट तैयार कर रहा है जहां पिछले 10 साल के दौरान 6 या इससे ज्यादा बार मुआवजा दिया जा चुका है। जलभराव वाले स्थानों पर शैलों ट्यूबवेल, अंडर ग्राउंड वाटर रिचार्ज, छोटे तालाब या झील बनाकर मछली पालन आदि पर काम किया जा सकता है। इससे आस-पास के क्षेत्र में जलभराव की समस्या से भी निजात मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न नगर पालिका एवं परिषदों और बड़े गांवों में एक-एक पार्क विकसित करने और उनकी देखरेख स्थानीय लोगों के माध्यम से ही कराने की योजना है। ताकि उस क्षेत्र में साफ सफाई अच्छी हो और लोगों को सैर करने के लिए एक सुंदर स्थान मिल सके।
एक सवाल के जवाब में डीसी ने कहा कि हाल ही में उन्होंने जिले के व्यापारियों के साथ भी साफ-सफाई और सार्वजनिक शौचालयों को लेकर वार्ता की थी। प्रशासन नगर परिषद के माध्यम से ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है कि अगर किसी स्थान पर रखा कूड़ेदान भरने वाला है तो उस क्षेत्र का व्यक्ति फोन करके परिषद को सूचित कर दे, जिससे कि कूड़ेदान को खाली कराया जा सके। इसी प्रकार सार्वजनिक शौचालय की सफाई नहीं होने पर भी सूचना दी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि नशे को लेकर जिला प्रशासन ने अभियान चलाया है। कोशिश है कि जिला में नशे को किसी भी कीमत पर पैर नहीं पसारने न दिया जाए। इसको लेकर एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया था। इस अवसर पर एडीसी जगनिवास, डीएमसी प्रदीप कौशिक, एसडीएम शिखा, सीटीएम परवेश कादयान और डीाआईपीआरओ बिजेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।