झज्जर। शहर का रेलवे स्टेशन यात्रियों को पेयजल, शौचालय, पंखे तक उपलब्ध कराने में नाकाम है। इसके चलते यहां यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गर्मी में यात्रियों को शेड के नीचे बिना पंखों के ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। यहां के शौचालयों पर ताले लटके हैं। महज एक वाटर कूलर के भरोसे पूरा स्टेशन है। इसमें भी ठंडा पानी नहीं मिलता है।
वर्ष 2014 में शहर के रेलवे को रोहतक से रेवाड़ी रेललाइन के साथ चालू किया गया। करीब 11 वर्ष बीतने के बाद भी लोगों को यहां पर मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। यहां यात्रियों के बैठने के लिए टीन शेड बनाए हैं, लेकिन पंखों की व्यवस्था नहीं है। टिकट काउंटर के बाहर सिर्फ दो पंखे चालू हैं। यहां यात्रियों को गर्मी में बिना पंखों के धूप में ही खड़ा होना पड़ता है। अधिकांश कुर्सियां खुले में हैं, जिससे धूप में बैठना मजबूरी हो गया है।
पेयजल सुविधा के लिए स्टेशन पर एक वाटर कूलर है, जिसमें ठंडा पानी नहीं मिलता। यह भी आम लोगों के सहयोग से लगाया गया है। सरकारी वाटर कूलर कई दिनों से खराब है। अन्य जगहों पर लगाई गई टूटी से पानी नहीं आता। चोरी के डर से शौचालयों पर ताले लगाए हुए हैं। लोगों को शौच के लिए जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
रेलवे स्टेशन पर रखा गया वाटर कूलर बंद पड़ा है। लोगों को पीने के लिए ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है। इस कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
- प्रवीन, यात्री, गांव करौथा
रेलवे स्टेशन पर बैठने के लिए टीन शेड बनाए गए हैं, लेकिन अधिकतर लोगों को गर्मी में इस टीन शेड में बैठने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है।
- अमित, यात्री, शहरवासी
रेलवे स्टेशन पर बनाए गए शौचालयों पर ताले लटके हुए हैं। इस कारण यहां पर आने वाले लोगों को शौच के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- अमित, यात्री, शहरवासी
रेलवे स्टेशन पर बनाए गए टीन शेड में पंखे नहीं लगाए गए हैं। इसके चलते लोगों को गर्मी में बिना पंखों के बैठकर रेल का इंतजार करना पड़ता है।
- अजीत, यात्री, गांव तलाव
रेलवे स्टेशन पर पीने के पानी के लिए बनाए गए अधिकतर स्थानों पर टूटी भी नहीं लगी हुई है। सिर्फ एक ही वाटर कूलर में पीने का पानी आ रहा है।
- नीरज, यात्री, बेरी
रेलवे स्टेशन पर पीने के पानी के लिए एक वाटर कूलर चालू है। यहां पर आने वाले लोग शौचालय में जाने के बाद पानी नहीं डालते हैं। कई बार यहां से टूटी चोरी हो चुकी हैं। रेलवे स्टेशन पर आने वाले लोगों को शौचालय की सुविधा के लिए स्टेशन मास्टर का शौचालय इस्तेमाल करने के लिए कहा जाता है। सुबह के समय शौचालयों को खुला रखा जाता है।
- सुशांत बैनीवाल, स्टेशन मास्टर, रेलवे स्टेशन झज्जर