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रेल बजट में मिली क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात, रेलवे लाइन होगी डबल

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केंद्र सरकार की तरफ से रेल बजट में क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात प्रदान की गई है। मात्र सात साल के अंतराल के बाद रेल बजट में रेवाड़ी-झज्जर-रोहतक रेल लाइन को डबल करने के लिए सरकार ने 752 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। जल्द ही इस रेलवे लाइन को डबल करने का कार्य शुरू हो जाएगा। जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा होगा। रेल सेवाएं बढ़ने के साथ-साथ इस रेलवे लाइन पर माल ढुलाई का कार्य भी बढ़ेगा। झज्जर क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढे़ंगे। झज्जर में यूरिया खाद के लिए रेल हेड बनाया जा चुका है। इसके अलावा रिफाइंड तेल और सीमेंट के रैंक भी यहां लगने लगे हैं। जिससे लेबर और गाड़ी चालकों को रोजगार मिलने लगा है। इतना ही नहीं झज्जर जिला से रेलवे के माध्यम से अनाज भी दूसरे क्षेत्रों को भेजा जाने लगा है। बताया यह भी जा रहा है कि आने वाले समय में रेलवे लाइन के निकट झज्जर में बड़ी अनाज मंडी और सब्जी मंडी बनाए जाने की योजना है। जहां से किसानों के उत्पादन रेल के माध्यम से अन्य स्थानों पर भेजे जा सकेंगे। जिससे किसानों का फायदा होने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। जबकि व्यापारियों के लिए भी रेल के माध्यम से सामान को दूसरे स्थानों पर भेजने और अन्य स्थानों से सामान मंगवाने के लिए भी सुविधाएं बढ़ेंगी।
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2013 में रेल की सीटी सुनने का सपना हुआ था पूरा
कई सालों के इंतजार व संघर्ष के बाद झज्जर क्षेत्र के लोगों को सपना पूरा हुआ था। उस समय यह रेलवे लाइन 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली गाड़ियों के लिए तैयार किया गया था। उसके बाद इसे 100 किलोमीटर प्रति घंटा और पिछले साल 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली रेलगाड़ियों के लिए तैयार किया जा चुका है। इतना ही नहीं पिछले वर्ष इस रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। इसके बाद एक बिजली से चलने वाली पैसेंजर रेलगाड़ी चलाई जा रही है। पहले इस लाइन को आठ घंटे रेल आवागमन के लिए खोला गया था। चार घंटे सुबह और चार घंटे शाम के समय इस रेल मार्ग से रेल व माल गाड़ियों को गुजारने की व्यवस्था की गई थी। जबकि करीब डेढ़ साल पहले इस मार्ग को 24 घंटे रेल आवागमन के लिए खोला जा चुका है।
पहले चली पैसेंजर, फिर आई इंटर सिटी एक्सप्रेस
वर्ष 2013 में सबसे पहले सुबह शाम एक पैसेंजर रेलगाड़ी इस लाइन पर रोहतक और रेवाड़ी के बीच चलाई गई थी। उसके बाद दो डेमू रोहतक व रेवाड़ी के बीच चलाई गई। इसके बाद जयपुर और चंडीगढ़ के बीच इंटर सिटी एक्सप्रेस गाड़ी भी इस मार्ग पर चलाई जा चुकी है। अब इसे करीब 75 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग को डबल किये जाने के बाद रेलगाड़ियों और माल गाड़ियों का आवागमन बढ़ने की संभावनाएं और अधिक बढ़ गई हैं। पहले करीब साढ़े 600 करोड़ रुपये की लागत से तीन हिस्सों में इस लाइन का निर्माण किया गया था।
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7 जुलाई 2007 को हुआ था रेलवे लाइन का शुभारंभ
वर्ष 2007 में 7 जुलाई को इस रेलवे लाइन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया था। रेवाड़ी में इस दिन तत्कालीन यूपीए अध्यक्षा सोनिया गांधी ने निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। 6 जनवरी 2013 को इस रेलवे लाइन पर पहली बार रेलगाड़ी दौड़ने लगी थी। तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री और मुख्यमंत्री रेवाड़ी से रेलगाड़ी में सवार होकर आए थे।
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रेल प्रबंधन के सीपीआरओ ने बताया कि रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी लाइन को डबल करने के लिए 752 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए गए हैं। जल्द ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
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