बहादुरगढ़। शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा विकास शुल्क में की गई बढ़ोतरी खिलाफ मंगलवार को कई पूर्व पार्षदों व अन्य लोगों ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरना देकर रोष जताया। उन्होंने सरकार से इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। साथ ही कहा कि शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्रों में विकास शुल्क वृद्धि का ये फैसला गलत है।
धरने को पूर्व नगर पार्षद युवराज छिल्लर, रवि खत्री, धर्मेंद्र वत्स, राजेश खत्री, समाजसेवी प्रदीप यादव व वेद प्रधान ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार के समय यूजर चार्ज नहीं था और विकास शुल्क नाममात्र था। लेकिन बीजेपी सरकार ने विकास शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि करके आमजन की कमर तोड़ने का काम किया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भाजपा ने स्थानीय निकाय से चुनाव से पहले ही यह मान लिया है कि वह इन चुनावों में हारने वाली है, तभी उसने ऐसा निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पहले आवासीय क्षेत्र के लिए 120 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर और कामर्शियल के लिए 1000 रुपये प्रति वर्ग गज दरें थी। अब 100 गज के प्लॉट का नक्शा पास कराने के लिए दो लाख रुपये तक जमा कराने होंगे। जिस कॉलोनी में प्लाट होगा, उस कॉलोनी या क्षेत्र के कलेक्टर रेट के हिसाब से ही 5 प्रतिशत विकास शुल्क देना होगा। इसी प्रकार, कामर्शियल प्लॉट के लिए भी लोगों को कई गुना अधिक राशि देनी होगी। धरना समाप्त होने के बाद लोगों ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय रोहिल्ला को मुख्यमंत्री मनोहरलाल के नाम सौंपा। धरना देने वालों में प्रदीप लडरावन, सुमित नागपाल, धीरज गौतम, मंगल मिश्रा, पप्पू गुप्ता, सतबीर दहिया, पंकज, शकुंतला गौतम, नरेश दलाल, सुनील दहिया, राज मलिक, अनिल और सुबोध कुमार शामिल रहे।