हिट एंड रन कानून के विरोध में सोमवार को झज्जर में कई प्राइवेट बसों के पहिए थम गए। जिले में 50 से ज्यादा प्राइवेट बसों का चक्का जाम हुआ। बस संचालकों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा 26 दिसंबर को लोकसभा में न्याय संहिता बिल पारित किया गया है।
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चालकों की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए यूनियन इसका विरोध करती है, क्योंकि इस बिल के लागू होने से देशभर के चालक बर्बाद हो जाऐंगे। वहीं ट्रक यूनियन ने भी इस बिल का विरोध करते हुए नारेबाजी की। साथ ही बिल को वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि इस बिल में यह प्रावधान किया है कि वाहन चालक द्वारा घायल व्यक्ति को अस्पताल तक इलाज के लिए पहुंचाना होगा।
अगर वाहन चालक द्वारा घायल व्यक्ति को अस्पताल तक नहीं पहुंचाया तो वाहन चालक को 10 साल की सजा व 10 लाख रुपये का जुर्माना होगा। अगर घायल व्यक्ति की इलाज के बाद भी मृत्यु हो गई तो सात साल की सजा और सात लाख का जुर्माना किया जाएगा। देश भर के चालक इस बिल का विरोध कर रहे हैं।