बादली। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस पर घने कोहरे के चलते शनिवार देर रात एक कार आगे चल रहे कैंटर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार कैंटर में फंस गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से कार में फंसे सोनीपत के तीन युवा दोस्तों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया जहां एक युवक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। दो युवकों को गंभीर हालत में पीजीआई रेफर कर दिया गया। तीनों दोस्त आगरा में ताजमहल देखकर लौट रहे थे।
सोनीपत निवासी अमन पुत्र संदीप, सोनीपत के सहजानपुर निवासी सत्येंद्र पुुत्र धर्मसिंह और सोनीपत के ही विकासपुरी काॅलोनी निवासी सुमित पुत्र देवेंद्र ताजमहल देखने के लिए आगरा गए थे। शनिवार देर रात वह वापस सोनीपत लौट रहे थे। जब उनकी कार केएमपी पर बुपनियां गांव के पास पहुंची तो हाइवे पर आगे चल रहे कैंटर ने अचानक से ब्रेक मार दिए। घने कोहरे की वजह से कैंटर दिखाई नहीं दिया और उनकी कार कैंटर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह से कैंटर में फंस गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जेसीबी और क्रेन की सहायता से कैंटर के नीचे से कार को निकाला गया। कार सवार तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल ले जाया गया। जहां अमन को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया जबकि सुमित आर सत्येंद्र को गंभीर हालत देख रोहतक के पीजीआई भेजा गया है। पुलिस ने घायल सत्येंद्र की शिकायत पर कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
नई गाड़ी खरीदकर लौट गए थे दो दोस्त
सोनीपत के पांच दोस्त दो दिन पहले उत्तर प्रदेश के एटा में नई स्कॉर्पियो खरीदने के लिए गए थे। जिनमें नाहरा-नाहरी गांव निवासी सुमित गहलोत, संदीप देशवाल, सुमित दहिया और सोनीपत निवासी अमन और सत्येंद्र शामिल थे। एटा के शोरूम में नई गाड़ी लेने के बाद सभी दोस्तों ने आगरा घूमने का मन बनाया लेकिन बाद में संदीप संदीप देशवाल और सुमित गहलोत एटा से सीधे सोनीपत पहुंच गए, जबकि अमन, सत्येंद्र और सुमित दहिया अपनी टाटा एज्ट्रोज कार से आगरा चले गए। तीनों दोस्त आगरा घूमकर वापिस लौट रहे थे तो हादसे का शिकार हो गए। जिसमें अमन की मौत हो गई।