शहर में भी डेंगू के केसों में इजाफा हो रहा है। जिले में अब तक 57 केस निकले हैं और इनमें से 31 केस बहादुरगढ़ शहर के विभिन्न हिस्सों में ही निकले हैं। ऐसे में आए दिन यहां डेंगू के केसों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार देर शाम तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से 5 लाख 72 हजार से ज्यादा घरों की जांच की जा चुकी है जिसमें से 7995 घरों में डेंगू का लार्वा पाया गया है। अभी तक 655 सैंपलों में 57 पॉजिटिव केस मिले हैं। जिले में डेंगू के बढ़ते केसों को देखते हुए अब तक 7240 लोगों को नोटिस दिए गए हैं।
विभागीय जानकारी अनुसार अब तक 2 लाख 18 हजार कूलरों की जांच की गई इनमें से 3700 कूलरों में लार्वा मिला है। करीब 3 लाख पानी की टंकियों की जांच हुई इनमें से 3100 टंकियों में लार्वा मिला। वहीं 1 लाख 64 हजार 500 कंटेनर की जांच की तो इनमें से 1937 में लार्वा पाया गया। करीब 1 लाख 5 हजार पानी की हौद की जांच की गई तो इनमें से 2500 हौद में लार्वा मिला। करीब 35 हजार फ्रिजों की जांच की गई तो इनमें से करीब 700 में लार्वा मिला है।
बताया गया है कि डेंगू का डंक करीब 2 महीनों तक प्रभावी रहेगा। ऐसे में सावधानी बरतनी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने भी गतिविधियां तेज कर दी हैं ताकि डेंगू को फैलने से रोका जा सके।
बता दें कि दरअसल, इस बार रिकार्ड तोड़ बारिश हुई है। इसके कारण जगह-जगह बरसाती पानी जमा है। सेक्टरों के अलावा कई अन्य रिहायशी कॉलोनियों में खाली प्लॉटों, पार्कों व अन्य जगहों पर समस्या ज्यादा है। इस कारण अब मच्छर भी खूब पनप रहे हैं इनमें डेंगू मच्छर भी मिलते हैं। चूंकि अभी तापमान में ज्यादा कमी नहीं हुई है, इसलिए अक्तूबर माह के बाद नवंबर में भी डेंगू का खतरा बना रहेगा। इस बार अधिक बरसात के कारण शहर के अधिकतर सेक्टरों और अपार्टमेंट में खाली प्लाटों में जगह जगह बरसाती पानी भरा है इसलिए डेंगू का खतरा ज्यादा है। घरों के अंदर भले ही मच्छर न पनप पाएं, लेकिन बाहर मच्छरों के पनपने लिए माहौल अनुकूल बना हुआ है।
अभी तक जिले में डेंगू के कुल 57 केस आ चुके हैं और इनमें से 31 केस बहादुरगढ़ शहर से हैं। मंगलवार को 5 नए केस मिले थे। इनमें से 3 केस सेक्टर-6 बहादुरगढ़ से हैं। अस्पताल में दाखिल मरीजों की निगरानी की जा रही है। बचाव के जो भी उपाय हैं, वे अपनाए जा रहे हैं। विभाग की ओर से एंटी लार्वा गतिविधियां निरंतर जारी हैं और जहां-जहां केस निकले हैं वहां व उसके आसपास क्षेत्र में फोगिंग भी करवाई जा रही है।
-डॉ. सरिता गौरी, डिप्टी सिविल सर्जन।