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अनोखी लव स्टोरीः न दुल्हन बोल-सुन सकती और न दूल्हा, फिर भी हुआ प्यार और कर लिया विवाह

Mon, 03 Feb 2020 03:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला, झज्जर(हरियाणा)
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पत्नी अंजलि के साथ गूंगा पहलवान - फोटो : अमर उजाला
प्यार दिल से होता है, चेहरे की खूबसूरती से नहीं। अगर दिल अच्छा हो तो आप हर किसी का दिल जीत सकते हैं। पढ़ें मूक-बधिर दूल्हा-दुल्हन की अनोखी लव स्टोरी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
हरियाणा के झज्जर जिले के गांव सासरौली निवासी अर्जुन अवॉर्डी वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान ने नागपुर (महाराष्ट्र) की अंजलि के साथ शादी करके प्यार की एक मिसाल कायम की है। कुश्ती में दो बार डेफ ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम ऊंचा करने वाले गूंगा पहलवान अब अंजलि के साथ सात फेरों के बंधन में बंध गए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
ये शादी इसलिए खास है, क्योंकि अंजलि के माता-पिता नहीं हैं और वह मूक-बधिर भी है। ये सब जानते हुए भी वीरेंद्र सिंह ने उन्हें अपना जीवन साथी चुना है। जीवन साथी चुनकर एक मिसाल कायम की है। ग्रामीणों ने सुखी दांपत्य व गृहस्थ जीवन की कामना की है।

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प्रतीकात्मक फोटो
वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान सुन-बोल नहीं सकते। इसके बावजूद वे अखाड़े में अच्छे-अच्छों को थका देते हैं। फेमस रेसलर सुशील कुमार को कड़ी टक्कर दे चुके हैं। गूंगा पहलवान ने पिता को देखकर कुश्ती की शुरुआत की। 5 से 6 साल की उम्र में ही वीरेंद्र ने कुश्ती में अपने पैर जमा लिए थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
शुरुआत में अखाड़े में दूसरे पहलवान उनकी दिव्यांगता का मजाक उड़ाते थे। लोग उन्हें कहते थे, देख गूंगा भी पहलवान बनेगा, लेकिन वे अखाड़े में कोच के होठों की फड़कन और पहलवानों को देखकर दांव-पेच सीखने लगे। अब उनका लोहा मानते हैं। गूंगा पहलवान कई अवॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं। वीरेंद्र पर एक गूंगा पहलवान नाम से शॉर्ट फिल्म भी बनाई गई है।
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