बहादुरगढ़। किसान आंदोलन का जल्द समाप्त होना तय माना जा रहा है। आंदोलनकारी किसानों के टीकरी बार्डर पड़ाव में हर ओर से यही चर्चा है। आंदोलन में सबसे बड़ी भागीदारी वाले संगठन भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने भी माना है कि अब आंदोलन खत्म होने जा रहा है। ऐसे में निहंगों ने वापस लौटने की तैयारी शुरू कर दी है।
टीकरी बार्डर पर साल भर से आंदोलन कर रहे किसानों का मूड अब तीन कृषि कानूनों के निरस्त होने के बाद अब घर लौटने का नजर आ रहा है। आंदोलन में योगदान देने वालों को सम्मानित किया जा रहा है। आंदोलन की शुरुआत से ही यहां सक्रिय अनिवासी भारतीय मान सिंह ने अपने कैंप में उन आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जिन्होंने उल्लेखनीय सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि जाते वक्त अपने-अपने स्थान पर अच्छी तरह सफाई करके जाना है। यहां गंदगी नहीं छोड़नी ताकि बहादुरगढ़ के लोग ये न कहें कि किसान गंदगी फैला गए।
भाकियू सिद्धूपुर के कार्यकर्ताओं ने बहादुरगढ़ से सटे गांव बराही के निवासी किसानों को आंदोलकारियों को काफी दिन तक ताजी सब्जियां उपलब्ध करवाने के लिए सम्मानित किया। पंडित श्रीराम शर्मा मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में ठहरे निहंग भी अब लौटने की तैयारी करने लगे हैं। उन्होंने सोमवार को अपने भाले चमकाए। बलकार सिंह ने कहा कि जीत गए हैं अब गुरु गोविंद सिंह के चमचमाते भाले लहराते हुए खुशी मनाते जाएंगे।