बहादुरगढ़। छोटूराम नगर में दिल्ली बार्डर के साथ लगती जमीन पर बसी पीवीसी मार्केट को हटाने की गई नगर परिषद की टीम को दस दिन के अंदर लगातार दूसरी बार कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। दुकानदारों ने नप टीम में शामिल अधिकारियों से कहा कि वे इतनी भारी मात्रा में पड़े प्लास्टिक कबाड़ को कहां लेकर जाएं।
दुकानदारों का कहना था कि इतनी बड़ी मात्रा में पड़े कबाड़ को उठाना मुश्किल है। साथ ही कामगारों के लिए रहने का प्रबंध भी दूसरी जगह करना मुश्किल है। ऐसे में हमें समय दिया जाए। दुकानदारों के विरोध के चलते नप टीम की ओर से एक घंटे की कार्रवाई में सिर्फ 15 दुकानों को ही तोड़ा गया और टीम दुकानदारों को एक सप्ताह का समय देकर लौट आई। गत दो मार्च को भी नगर परिषद ने छोटूराम नगर में पीवीसी मार्केट को हटाने की कार्रवाई की थी, लेकिन दुकानदारों के विरोध के चलते सिर्फ दस दुकानों को ही हटाया जा सका था।
वीरवार को नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक बलबीर सिंह, सफाई निरीक्षक सुनील हुड्डा व भू अधिकारी नीरज शर्मा के नेतृत्व में गठित एक टीम भारी दलबल के साथ छोटूराम नगर में बार्डर के पास पहुंची। यहां पर 50 से ज्यादा एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से पीवीसी मार्केट बसी हुई है। कुछ माह पहले भी नगर परिषद ने यहां पर कार्रवाई करते हुए पीवीसी मार्केट को हटाया था लेकिन बारिश के दिनों में यहां पर फिर से मार्केट पनप गई। नगर परिषद की टीम वीरवार दोपहर बाद फिर से यहां पहुंची और टीम ने जेसीबी की मदद से दुकानों को हटाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में टीम ने 15 दुकानों को हटा दिया। नप कार्रवाई की भनक लगते ही वहां पर भारी संख्या में दुकानदार जमा हो गए। वे इस कार्रवाई का विरोध करने लगे।
दुकानदारों की संख्या को देखते हुए नप की टीम ने कुछ देर के लिए कार्रवाई रोक दी। दुकानदारों ने विरोध जताया और साथ ही गुहार भी लगाई कि उन्हें कुछ दिन की मोहलत और दे दी जाए ताकि वे अपना सामान समेटकर यहां से चले जाएं। अधिकारियों व दुकानदारों के बीच एक सप्ताह की और मोहलत देने पर विचार किया गया, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर इस अवधि में यहां से दुकानों को नहीं हटाया गया और सामान नहीं उठाया गया तो नप की ओर से पुलिस बल के सहयोग से कड़ी कार्रवाई कर दी जाएगी। यहां से सभी दुकानों को हटा दिया जाएगा और सामान भी जब्त कर लिया जाएगा।
वर्जन
नगर में कहीं भी अवैध रूप से पीवीसी मार्केट पनपने नहीं दी जाएगी। इससे प्रदूषण फैलता है। शहर की सूरत भी खराब होती है। ऐसे में जहां भी अवैध रूप से इस तरह की दुकानें बनाई जाती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- संजय रोहिल्ला, ईओ, नगर परिषद, बहादुरगढ़