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Jhajjar-Bahadurgarh News: नप ने बनाया 57 लाख का एस्टीमेट, ठेकेदार ने 36 लाख में लिया टेंडर

Sun, 28 Jul 2024 05:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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झज्जर। नगर परिषद में काम लेने की ठेकेदारों में होड़ लगी हुई है। इसका पता इसी से चलता है कि ठेकेदारों ने विकास कार्यों के लिए टेंडर अप्लाई करते समय एस्टीमेट राशि से काफी कम राशि भरी। यह राशि 5 से 40 प्रतिशत तक कम भरी गई है। यानी ठेकेदार काम की अनुमानित लागत से भी कम में टेंडर ले रहे हैं। ऐसे में गुणवत्ता पर सवाल उठने लाजमी है। ठेकेदार काम में किसी प्रकार की गुणवत्ता कम नहीं कर सके, इसके लिए नगर परिषद की तरफ से ठेकेदार से परफारमेंस सिक्योरिटी भरवाई जा रही है।
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कुछ ठेकेदारों ने यह राशि भर भी दी है, लेकिन जानकारों का कहना है कि माइनस में टेंडर लेने पर विकास कार्यों की गुणवत्ता कितनी सही रहेगी, यह काम पूरा होने और इसके बाद पता चलेगा।शहर में हाल ही में नगर परिषद ने स्ट्रीट लाइट मेंटनेंस का ठेके का आनलाइन टेंडर मांगे थे। नगर परिषद ने इसकी एस्टीमेट राशि लगभग 57 लाख रुपये तय की थी। जब ठेकेदारों ने अप्लाई किया तो कुछ ने माइनस में रेट लगा दिए। इसके चलते फिलहाल जिस ठेकेदार को यह ठेका मिला है, उसने लगभग 36 लाख रुपये में यह ठेका लिया है यानी लगभग 21 लाख रुपये कम राशि में ठेका लिया गया है। पिछले साल भी सोनीपत के इसी ठेकेदार की फर्म के पास ही स्ट्रीट लाइट मेंटनेंस का ठेका था।

कम में गया था तिरंगा लाइट का ठेका, 18 मीटर कम लगाई लाइट्स
मई में नगर परिषद ने तिरंगा लाइट्स का ठेका आनलाइन किया था। इसका एस्टीमेट राशि 20 लाख रुपये रखी गई थी। जिस फर्म का सबसे कम रेट आया, उसने लगभग 16 लाख रुपये ठेका की राशि भरी हुई थी। उसे वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया। जून में तिरंगा लाइट लगाने का काम भी शुरू हो गया, लेकिन ठेकेदार ने 36 मीटर की बजाय केवल 18 मीटर लंबी की तिरंगा लाइट्स पोल पर लगा दी। इसका खुलासा होने पर उसका काम रोक दिया गया है। पिछले 15 दिन से तिरंगा लाइट्स लगाने का काम शहर में रुका हुआ है।
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अधिकतर टेंडर माइनस में छोडे़
नगर परिषद ने हाल ही में लगभग 15 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों के टेंडर लगाए गए थे। इनमें से अधिकतर टेंडर की राशि ठेकेदारों ने माइनस में ही भरी है। इसके चलते सभी ठेकेदारों से अब परफारमेंस सिक्योरिटी भरवाई जा रही है।

वर्जन
पिछले दिनों जो टेंडर लगाए गए थे, उनमें अधिकतर में ठेकेदारों ने एस्टीमेट राशि से कम राशि भरी हुई है। ऐसे में नप को कम राशि में टेंडर मिले हैं। जहां तक गुणवत्ता का सवाल है तो ठेकेदारों ने परफारमेंस सिक्योरिटी भरवाई जा रही है ताकि कमी मिलने पर उसमें से राशि काटी जा सके।
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मनजीत दहिया, एक्सईएन, नगर परिषद, झज्जर
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