गांव मुनीमपुर में एक 42 साल की महिला गीता की हत्या उसके बेटे ने ही कर डाली। तेजधार हथियार से महिला की हत्या किए जाने के बाद शव को गांव से थोड़ी ही दूरी पर स्थित एक दूध की डेयरी के पास कूड़े के ढेर में दबा दिया।
बाद में पूरा परिवार उसी जगह पर गाय का गोबर उस कुरड़ी पर डालता रहा, जहां महिला की हत्या किए जाने के बाद शव को दबाया गया था। हालांकि घटना पिछले माह की है, लेकिन महिला के परिजन महिला के लापता होने का नाटक करते रहे। बाद में जब महिला के मायके वालों को महिला गीता के लापता होने की सूचना मिली तो उसके बाद ही महिला के परिजनों ने पुलिस में महिला की हत्या किए जाने का शक जताया। लेकिन इसी बीच महिला गीता के पति नरेश ने भी पुलिस स्टेशन में गीता के 29 जून से घर से लापता होने की रपट दर्ज करा दी।
गुमशुदगी की रिपोर्ट देरी से दर्ज कराए जाने का मामला भी शक की सूई गीता के पति, पुत्र व परिवार के अन्य लोगों पर घुमाता रहा। रविवार को पुलिस ने जब इस मामले में गीता के पति व परिवार के अन्य लोगों को पूछताछ के लिए रडार पर लिया तो मामले की कलई खुलती चली गई। बाद में मृतका गीता के बेटे प्रवीण के इस घटनाक्रम का खुलासा किए जाने के बाद आरोपी पक्ष की निशानदेही पर ही झज्जर पुलिस की टीम थाना प्रभारी राजेश कुमार के नेतृत्व में गांव मुनीमपुर पहुंची और महिला गीता के शव को गांव कुकड़ोला में दूध की डेयरी के पास कुरड़ी से निकलवाया।
महिला की हत्या किए जाने की असली वजह क्या रही है इस बात का तो पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन प्रारंभिक जांच में पुलिस ने गीता की हत्या की असली वजह पारिवारिक कलह बताया है। गांव गिरावड़ के रहने वाले गीता के मायके वालों ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे ससुराल पक्ष के एक दर्जन लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल पुलिस ने मृतका के बेटे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
शव को गाड़ी से उतारते पुलिस व परिजन।- फोटो : Jhjhar